Narayanpur Maoists Surrender: छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ इलाके में माओवादी समस्या पर बड़ा कदम उठाते हुए 16 माओवादियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है। इस आत्मसमर्पण में सात महिला माओवादी भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों पर कुल 70 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। यह सामूहिक आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गार्जिल्स आर्मी) की मिलिट्री कंपनी नंबर-1 के डिप्टी कमांडर, टेक्निकल टीम (डीवीसीएम), माड़ डिवीजन स्टाफ टीम के सदस्य, जनताना सरकार और मिलिशिया कैडर के कई माओवादी शामिल हैं। सभी ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया के सामने हथियार डालकर शांति की शपथ ली और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का संकल्प लिया।
सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी कैडरों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही उन्हें पुनर्वास योजनाओं का भी लाभ मिलेगा, जिससे वे समाज में एक नए सिरे से बेहतर जीवन की शुरुआत कर सकेंगे।
पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. ने बताया कि इस साल अब तक कुल 192 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। सुरक्षा बलों की लगातार सक्रियता, नए पुलिस कैंपों की स्थापना और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर निगरानी के कारण माओवादी संगठन का प्रभाव तेजी से कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा, “माओवादी अब आत्मसमर्पण के अलावा किसी विकल्प पर विचार नहीं कर रहे हैं। हिंसा छोड़कर शांति की राह अपनाना ही उनका भविष्य है।”
पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया ने कहा, “हमारा लक्ष्य अबूझमाड़ को उसके असली मालिक यानी स्थानीय आदिवासियों को वापस लौटाना है, जो नक्सलवाद की वजह से वर्षों से दंश झेल रहे हैं।” उन्होंने सभी माओवादी साथियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर शासन की आत्मसमर्पण नीति अपनाएं और सामान्य जीवन व्यतीत करें।
आत्मसमर्पण कार्यक्रम में आईटीबीपी, बीएसएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों में पीएलजीए डिप्टी कमांडर पोदिया मरकाम, मनोज दुग्गा, सुमित्रा कुर्साम, मड्डा कुंजाम, रवि वड्डे, कारे कोर्राम जैसे प्रमुख सदस्य शामिल हैं, जिन पर 8 लाख रुपये तक का इनाम था। इस सामूहिक आत्मसमर्पण को बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।नारायणपुर के अबूझमाड़ इलाके में माओवादी आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई रंग ला रही है। लगातार बढ़ते आत्मसमर्पण से नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है और क्षेत्र में शांति की उम्मीदें बढ़ रही हैं। सरकार की पुनर्वास नीति और प्रोत्साहन राशि से इन कैडरों को समाज में वापस लाना संभव होगा, जो इस लड़ाई में एक सकारात्मक पहल है।
West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक परिणामों ने…
Thalapathy Vijay : तमिलनाडु की सियासत ने साल 2026 में एक ऐसा मोड़ लिया है…
Mamata Banerjee Defeat Reasons: पश्चिम बंगाल की सियासत में पिछले डेढ़ दशक से निर्विवाद नेता…
TN Election Result : तमिल सिनेमा के बेताज बादशाह 'थलपति' विजय ने करीब 36 वर्षों…
Kerala Election Results 2026: दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य केरल की राजनीति में एक बड़ा…
Bengal Election Result 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश…
This website uses cookies.