Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में एक बार फिर धरती कांप उठी। शनिवार देर रात अफगानिस्तान में रिक्टर स्केल पर 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। इस भूकंप के झटके पाकिस्तान, ईरान और भारत तक महसूस किए गए, जिससे कई इलाकों में दहशत का माहौल बन गया।
राष्ट्रीय भूकंप केंद्र (NCS) और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह भूकंप रात 1 बजकर 59 मिनट पर आया। इसका केंद्र खुल्म प्रांत से लगभग 22 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में और 28 किलोमीटर गहराई में स्थित था।
अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झटके इतने तेज थे कि लोग नींद से उठकर घरों से बाहर भागने लगे। कई इलाकों में लोगों ने सड़कों पर शरण ली और पूरी रात घरों के बाहर गुजारी। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि अब तक 4 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। कई इमारतों और घरों में दरारें पड़ी हैं, हालांकि राहत कार्य जारी हैं।
भूकंप के झटके ईरान, पाकिस्तान और भारत के उत्तरी हिस्सों में भी महसूस किए गए। दिल्ली-NCR, चंडीगढ़, अमृतसर, और जम्मू-कश्मीर में कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भूकंप के झटकों की जानकारी साझा की। लोगों का कहना था कि घरों की दीवारें और पंखे तक हिलने लगे थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, अफगानिस्तान भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, क्योंकि यह देश भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है। इसके साथ ही, यह क्षेत्र चमन फॉल्ट लाइन के पास स्थित होने के कारण अक्सर थ्रस्ट फॉल्टिंग की वजह से झटकों का सामना करता है।
1 नवंबर 2025 को 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था।
29 अक्टूबर 2025 को उत्तरी अफगानिस्तान में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ था।
इसी दिन 4.2 तीव्रता के झटके महसूस हुए थे, जिसके बाद सरकार ने अलर्ट जारी किया था।
24 अक्टूबर को 3.7 तीव्रता का भूकंप काबुल के पास आया था।
इससे पहले 31 अगस्त 2025 को पाकिस्तान की सीमा से सटे कुहाप प्रांत के नुरगल जिले में आए भूकंप में 3000 से अधिक लोगों की मौत और 4000 से ज्यादा घायल हुए थे। उस भूकंप ने 8000 से अधिक लोगों को बेघर कर दिया था।
अफगानिस्तान सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपदा राहत दल भेज दिए हैं। वहीं भारत और पाकिस्तान में भी भूकंप के संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और ऊंची इमारतों में दरारों की जांच करने की सलाह दी है।
भूकंपों की यह श्रृंखला बताती है कि अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देश भूकंपीय दृष्टि से लगातार खतरे में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में सक्रिय टेक्टोनिक गतिविधियां आने वाले समय में और झटके ला सकती हैं।
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