Moongfali Ki Kheti: सूखे में भी मूंगफली से मिल सकती है अच्छी उपज, जानिए कौन सी 4 किस्में हैं खास

कम बारिश और सूखे की आशंका किसानों की चिंता बढ़ा रही है। ऐसे में मूंगफली की कुछ किस्में बेहतर उत्पादन का विकल्प बन सकती हैं। आरजी-425, जीजी-2, एचएनजी-69 और जीजी-7 की खासियत क्या है? कौन सी किस्म कितने दिनों में तैयार होती है और बुवाई से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

Moongfali Ki Kheti : देश के कई हिस्सों में कम बारिश और सूखे की आशंका के बीच किसानों के सामने ऐसी फसल चुनने की चुनौती है, जो सीमित पानी में भी अच्छी पैदावार दे सके। ऐसे में मूंगफली की खेती किसानों के लिए एक विकल्प बन सकती है। हालांकि, बेहतर उत्पादन के लिए स्थानीय जलवायु, मिट्टी की स्थिति और उपलब्ध सिंचाई के अनुसार किस्म का चयन करना जरूरी है। सही तकनीक अपनाकर किसान फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर करने की कोशिश कर सकते हैं।

ads

आरजी-425 किस्म: 120 से 125 दिनों में फसल तैयार

मूंगफली की आरजी-425 किस्म को लगभग 120 से 125 दिनों में तैयार होने वाली किस्म बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इससे प्रति हेक्टेयर 18 से 36 क्विंटल तक पैदावार मिल सकती है। इस किस्म की एक खास विशेषता सूखे की स्थिति को सहन करने की क्षमता और कॉलर रॉट रोग के प्रति सहनशीलता बताई जाती है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन मिट्टी, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फसल प्रबंधन पर निर्भर करेगा।

Adst

जीजी-2 किस्म: अच्छी उपज के लिए हो सकता है विकल्प

जीजी-2 मूंगफली की एक अन्य किस्म है, जिसे पकने में लगभग 120 से 125 दिन लगते हैं। इससे प्रति हेक्टेयर औसतन 25 से 30 क्विंटल तक उत्पादन मिलने की संभावना बताई जाती है। इसका पौधा अपेक्षाकृत छोटा और गुच्छे के रूप में बढ़ने वाला होता है। किसान इस किस्म का चुनाव करने से पहले अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी और कृषि विभाग की सलाह के आधार पर इसकी उपयुक्तता जरूर जांचें।

एचएनजी-69 किस्म: रोगों से बचाव पर भी ध्यान

एचएनजी-69 किस्म लगभग 125 दिनों में पककर तैयार हो सकती है। इसकी संभावित पैदावार 25 से 28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई जाती है। इस किस्म को कॉलर रॉट, तना गलन और शुरुआती धब्बा रोग के प्रति प्रतिरोधी बताया जाता है। रोगों का प्रभाव कम रहने पर फसल की सुरक्षा और देखभाल में मदद मिल सकती है। इसके बावजूद नियमित निगरानी और जरूरत के अनुसार उचित कृषि उपाय अपनाना जरूरी है।

जीजी-7 किस्म: कम अवधि में फसल तैयार करने का विकल्प

यदि किसान कम समय में तैयार होने वाली मूंगफली की किस्म तलाश रहे हैं, तो जीजी-7 पर विचार कर सकते हैं। यह किस्म लगभग 90 से 105 दिनों में तैयार हो सकती है। इससे प्रति हेक्टेयर 21 से 29 क्विंटल तक उत्पादन मिलने की संभावना बताई जाती है। इस किस्म में टिक्का रोग का असर अपेक्षाकृत कम होने की जानकारी भी दी जाती है। राजस्थान की परिस्थितियों में इसकी उपयुक्तता बताई जाती है, लेकिन दूसरे क्षेत्रों में लगाने से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

Adst

मूंगफली की खेती के लिए कैसी होनी चाहिए मिट्टी?

मूंगफली की अच्छी पैदावार के लिए खेत में जल निकासी की व्यवस्था होना जरूरी है। भुरभुरी दोमट और बलुई दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है। खेत तैयार करने के लिए पहले मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई करें। इसके बाद कल्टीवेटर चलाकर मिट्टी को भुरभुरा बनाएं और पाटा लगाकर खेत को समतल कर लें। खेत में पानी जमा रहने से जड़ों और फसल को नुकसान पहुंच सकता है।

बीज की सही मात्रा और बुवाई का रखें ध्यान

मूंगफली की कम फैलने वाली किस्मों के लिए प्रति हेक्टेयर लगभग 75 से 80 किलोग्राम बीज और अधिक फैलने वाली किस्मों के लिए 60 से 70 किलोग्राम बीज की जरूरत बताई जाती है। बुवाई से 10 से 15 दिन पहले स्वस्थ फलियों से दाने निकालकर बीज तैयार किया जा सकता है। बीज की मात्रा, बुवाई का समय और बीजोपचार चुनी गई किस्म तथा स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार तय करें।

बेहतर उत्पादन के लिए अपनाएं सही कृषि प्रबंधन

मूंगफली की किस्म चुनते समय केवल संभावित पैदावार को आधार न बनाएं। अपने क्षेत्र में बारिश, सिंचाई की उपलब्धता, मिट्टी की गुणवत्ता और रोगों की स्थिति को भी ध्यान में रखें। कम पानी में खेती का विकल्प होने के बावजूद मूंगफली को फसल की अलग-अलग अवस्थाओं में पर्याप्त नमी की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए प्रमाणित बीज, संतुलित पोषण, खरपतवार नियंत्रण और समय पर निगरानी से बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ाई जा सकती है।

नोट: यहां दी गई पैदावार संभावित आंकड़े हैं, निश्चित उत्पादन की गारंटी नहीं। बुवाई से पहले स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से किस्म की क्षेत्रीय उपयुक्तता की पुष्टि करें।

Read More :  Pawan Singh Apology : पवन सिंह ने अक्षरा सिंह से मांगी माफी, क्या फिर साथ आएगी भोजपुरी की चर्चित जोड़ी?

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company. 

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst