Arthritis Pain Relief : आर्थराइटिस यानी गठिया और जोड़ों के दर्द की समस्या से परेशान लोगों को सूजन, अकड़न और लगातार होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन समस्याओं का असर रोजमर्रा के कामकाज और चलने-फिरने की क्षमता पर पड़ सकता है। दवाओं और डॉक्टर की सलाह के साथ संतुलित खानपान भी संपूर्ण स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकता है। कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्व हड्डियों और जोड़ों की सेहत के लिए उपयोगी होते हैं। आयुर्वेदिक हेल्थ कोच डिंपल जांगड़ा ने ऐसे पांच खाद्य पदार्थों का उल्लेख किया है, जिन्हें डाइट में शामिल किया जा सकता है।
1. हल्दी वाला दूध: सूजन कम करने में मददगार
हल्दी में करक्यूमिन नाम का सक्रिय यौगिक पाया जाता है, जिसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं। इसी वजह से हल्दी को पारंपरिक घरेलू खानपान में खास जगह दी जाती है। दूध के साथ हल्दी लेने से शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भी मिल सकते हैं। हालांकि, हल्दी वाला दूध आर्थराइटिस का इलाज नहीं है और इससे हर व्यक्ति को जोड़ों के दर्द में राहत मिले, यह जरूरी नहीं है।
2. तिल के बीज और तेल: हड्डियों के लिए उपयोगी
तिल में कैल्शियम, हेल्दी फैट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तिल को सीमित मात्रा में भोजन में शामिल किया जा सकता है। वहीं, तिल के तेल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से मालिश के लिए किया जाता है। हल्की मालिश से कुछ लोगों को अस्थायी आराम मिल सकता है, लेकिन इससे आर्थराइटिस की मूल समस्या दूर होने का प्रमाण पर्याप्त नहीं है।
3. अदरक का पानी: दर्द में मिल सकती है राहत
अदरक में जिंजरॉल जैसे सक्रिय यौगिक होते हैं, जिनमें सूजन-रोधी गुण पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों में अदरक के सेवन से दर्द में सीमित राहत मिलने की संभावना सामने आई है। अदरक का पानी संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, इसे जोड़ों के दर्द की दवाओं का विकल्प नहीं मानना चाहिए। नियमित सेवन से पहले उन लोगों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, जो खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं या जिन्हें अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं।
4. मेथी के बीज: पोषण से भरपूर विकल्प
मेथी के बीजों में फाइबर और कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इन्हें भिगोकर या भोजन में मिलाकर खाया जा सकता है। पारंपरिक घरेलू उपायों में मेथी का इस्तेमाल भी किया जाता है, लेकिन जोड़ों के दर्द और सूजन पर इसके सीधे प्रभाव को लेकर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। मधुमेह की दवाएं लेने वाले लोगों को मेथी का नियमित या अधिक सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
5. अखरोट और अलसी: ओमेगा-3 फैटी एसिड का स्रोत
अखरोट और अलसी के बीजों में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) नाम का ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। ये स्वस्थ वसा के अच्छे स्रोत हैं और संतुलित आहार में उपयोगी हो सकते हैं। इन्हें सलाद, दलिया या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इनके सेवन से आर्थराइटिस का दर्द निश्चित रूप से कम होने का दावा नहीं किया जा सकता।
गर्म तिल के तेल से मालिश करते समय सावधानी
गर्म तिल के तेल में लहसुन मिलाकर घुटनों की मालिश करना एक पारंपरिक घरेलू तरीका है। हल्की मालिश से कुछ लोगों को अस्थायी आराम मिल सकता है, लेकिन तेल बहुत गर्म नहीं होना चाहिए। लहसुन त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। यदि दर्द, सूजन या अकड़न लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच कराएं और निर्धारित उपचार जारी रखें।
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