Share Market Holiday : दशहरे के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार बंद है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज शेयरों की खरीद-बिक्री नहीं होगी। हालांकि, घरेलू बाजार की छुट्टी के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी बाजारों में बिकवाली के कारण बुधवार, 21 अक्टूबर को भारतीय बाजार की शुरुआत पर दबाव देखने को मिल सकता है।
क्रूड ऑयल 110 डॉलर के करीब, महंगाई का खतरा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। 20 अक्टूबर की सुबह ब्रेंट क्रूड का भाव 109.60 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया। इससे पहले कारोबार के दौरान कीमत 110.08 डॉलर तक पहुंच गई थी। बाद में इसमें मामूली नरमी देखने को मिली।
तेल की कीमतों में तेजी के पीछे मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंका बताई जा रही है। सऊदी अरब में ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है। दूसरी ओर, रूस के ऊर्जा निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंधों में संभावित राहत से आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। महंगा तेल भारत के लिए आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ा सकता है।
यूरोपीय शेयर बाजारों में भारी बिकवाली
सोमवार, 19 अक्टूबर को यूरोप के प्रमुख शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। लंदन का FTSE 100 इंडेक्स 1.09 प्रतिशत गिरकर 10,764.69 पर पहुंच गया। पेरिस का CAC 40 इंडेक्स 1.13 प्रतिशत टूटकर 7,868.05 पर बंद हुआ। वहीं, फ्रैंकफर्ट के DAX इंडेक्स में 1.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,319.77 पर आ गया।
यूरोप के कुछ देशों में प्रदर्शनों और राजनीतिक अनिश्चितता ने भी निवेशकों की धारणा प्रभावित की। वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक और राजनीतिक चिंताओं के बीच निवेशक जोखिम वाले निवेशों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी, कोस्पी सबसे ज्यादा टूटा
मंगलवार, 20 अक्टूबर की सुबह एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। सुबह 7:40 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.83 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 1.12 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.23 प्रतिशत नीचे था।
सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.28 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.19 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इन संकेतों से वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखाई दिया। हालांकि, विदेशी बाजारों की चाल भारतीय शेयर बाजार की दिशा को हमेशा सीधे तौर पर निर्धारित नहीं करती।
GIFT Nifty में गिरावट, भारतीय बाजार पर दबाव की आशंका
GIFT Nifty भी कमजोर संकेत दे रहा था। यह पिछले बंद स्तर 22,890.50 से 55.5 अंक गिरकर 22,835 पर पहुंच गया। इससे पहले अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला था।
सोमवार की गिरावट के बाद बुधवार को रहेगी नजर
दशहरे की छुट्टी से पहले सोमवार, 19 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली हुई थी। सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत टूटकर 22,888.95 पर आ गया।
अब बुधवार, 21 अक्टूबर को बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों, GIFT Nifty और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। इन संकेतों से बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है। हालांकि, बाजार में तेजी या गिरावट की निश्चित भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। निवेशकों को कारोबार से पहले ताजा आंकड़ों और अपने जोखिम के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।
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