US Hindu Temple Attack Plot : अमेरिका में इलिनोइस के एक हिंदू मंदिर पर कथित गोलीबारी की साजिश को लेकर मामला गंभीर हो गया है। अमेरिकी कांग्रेस के 105 सदस्यों ने FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर घटना की संघीय स्तर पर नफरत से प्रेरित अपराध (फेडरल हेट क्राइम) के रूप में जांच करने की मांग की है। सांसदों ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय को निशाना बनाने वाली ऑनलाइन धमकियों पर भी चिंता जताई और प्रशासन से इनसे निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है।
ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में क्या हुआ?
यह पत्र शिकागो के नजदीक इलिनोइस के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में गोलीबारी की कथित कोशिश के कुछ दिनों बाद भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार, 19 वर्षीय एक युवक ने शॉटगन से हमला करने की कोशिश की, लेकिन बंदूक जाम हो जाने के कारण उसकी योजना सफल नहीं हो सकी। इससे संभावित बड़ी त्रासदी टल गई। सांसदों का कहना है कि घटना के पीछे नस्लीय, जातीय या धार्मिक पूर्वाग्रह की संभावना की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में भेजा गया पत्र
कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में 105 सांसदों ने 20 अक्टूबर 2026 को यह पत्र भेजा। हस्ताक्षर करने वालों में चार अमेरिकी सीनेटर और भारतीय-अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, अमी बेरा तथा सुहास सुब्रमण्यम भी शामिल बताए गए हैं। पत्र में ट्रंप प्रशासन के कुछ बयानों और सरकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल उठाए गए। सांसदों का आरोप है कि ऐसे संदेश नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों को बढ़ावा दे सकते हैं तथा संबंधित समुदायों के खिलाफ नफरत को कम करने के बजाय बढ़ा सकते हैं।
सरकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर भी उठे सवाल
पत्र में अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की एक सोशल मीडिया पोस्ट का उल्लेख किया गया, जिसमें एक सिख व्यक्ति की तस्वीर के साथ कथित तौर पर लिखा गया था, “हमारी सड़कों से हट जाओ, तुम्हें गाड़ी चलानी नहीं आती, मिस्टर सिंह।” सांसदों ने शिक्षा विभाग की एक अन्य पोस्ट का भी हवाला दिया, जिसमें “मेक कॉलेज फुटबॉल ग्रेट अगेन” संदेश था। यह पोस्ट उस विवाद के संदर्भ में उठाई गई, जब टेक्सास के एक रिपब्लिकन नेता ने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के फुटबॉल मैच में दक्षिण एशियाई लोगों की मौजूदगी पर शिकायत की थी।
FBI से तीन अहम सवालों के जवाब मांगे
सांसदों ने FBI से पूछा है कि क्या ऑरोरा मामले में संभावित नस्लीय, जातीय और धार्मिक पूर्वाग्रह की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या अन्य व्यक्तियों ने कथित साजिश को बढ़ावा दिया था। इसके अलावा, मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए संघीय एजेंसियां क्या कदम उठा रही हैं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है। सांसदों के मुताबिक, नफरत से प्रेरित हिंसा की आशंका और ऑनलाइन धमकियों को अलग-अलग नहीं देखा जाना चाहिए।
रिपोर्ट में दक्षिण एशियाई विरोधी पोस्ट बढ़ने का दावा
पत्र में सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया। उसके मुताबिक, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ 5,42,000 से अधिक घृणित पोस्ट की पहचान की गई। रिपोर्ट में जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ऐसे पोस्ट की मासिक संख्या में लगभग 240 प्रतिशत वृद्धि का भी दावा किया गया।
भारतीय-अमेरिकियों के अनुभवों पर भी चिंता
कार्नेगी एंडोमेंट के एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए सांसदों ने कहा कि 48 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी उत्तरदाताओं ने 2025 की शुरुआत के बाद अपने समुदाय को निशाना बनाने वाली नस्लवादी पोस्ट का अक्सर या कुछ हद तक सामना किया। सर्वेक्षण में लगभग हर चार में से एक उत्तरदाता ने अपशब्दों का सामना करने की बात कही। सांसदों का मानना है कि इन परिस्थितियों में संघीय एजेंसियों की प्रभावी कार्रवाई, पूजा स्थलों की सुरक्षा और ऑनलाइन धमकियों की जांच महत्वपूर्ण है। FBI की ओर से इस पत्र पर क्या जवाब दिया जाएगा, इस पर आगे नजर रहेगी।
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