Women Reservation Bill : महिला आरक्षण विधेयक और लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार तथा कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि सरकार ने कांग्रेस से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन सकारात्मक पहल नहीं हुई। रिजिजू के अनुसार, समाजवादी पार्टी, डीएमके और अन्य दलों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा जारी है।
संसद का सत्रावसान नहीं होने पर क्या बोले रिजिजू?
मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बावजूद औपचारिक सत्रावसान नहीं किए जाने पर रिजिजू ने कहा कि संविधान में इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सरकार सदन को औपचारिक रूप से खुला रख सकती है। उनके मुताबिक, पहले भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं। उन्होंने इस मुद्दे को विवाद का विषय बनाने पर कांग्रेस की आलोचना की।
विपक्ष के कुछ नेताओं को आशंका है कि सत्रावसान नहीं होने से विशेष संसदीय सत्र बुलाकर संविधान संशोधन और परिसीमन विधेयक पेश करने का रास्ता खुला रखा जा रहा है। हालांकि, रिजिजू ने इस आशंका को खारिज करते हुए कहा कि इससे किसी विशेष सत्र का संकेत नहीं मिलता और न ही संसदीय नियमों का उल्लंघन होता है।
कांग्रेस से बातचीत के लिए कई बार प्रयास का दावा
रिजिजू ने दावा किया कि सरकार ने खरगे को तीन पत्र लिखे और उनसे कई बार बातचीत की। उन्होंने राहुल गांधी को भी व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। मंत्री के अनुसार, कांग्रेस को दस से अधिक बार बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन पार्टी की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली।
कांग्रेस की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला सरकार करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब समाजवादी पार्टी, डीएमके, वाईएसआरसीपी और अन्य दल चर्चा के लिए तैयार हैं, तो कांग्रेस इसमें शामिल क्यों नहीं हो रही। उनके मुताबिक, संसद सभी राजनीतिक दलों की है और फैसले केवल किसी एक पार्टी की इच्छा से नहीं लिए जा सकते।
परिसीमन के बाद सीटें कम नहीं होने का भरोसा
लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर रिजिजू ने दावा किया कि सरकार ने राज्यों को भरोसा दिया है कि उनकी सीटों में कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्यों को अनुपात के अनुसार अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिल सकता है। हालांकि, विपक्षी दलों की एक प्रमुख चिंता यह है कि परिसीमन के बाद राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन कैसे बनाए रखा जाएगा।
महिला आरक्षण को मौजूदा सीटों के आधार पर लागू करने और इसे परिसीमन से अलग रखने का सुझाव भी दिया गया है। रिजिजू ने किसी विशेष प्रस्ताव पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वह फिलहाल बातचीत की प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे हैं।
महिला आरक्षण को समय की जरूरत बता रहे रिजिजू
रिजिजू ने कहा कि 1971 के बाद देश की आबादी में काफी वृद्धि हुई है, इसलिए लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने पर विचार करना जरूरी है। उन्होंने महिला आरक्षण को समय की जरूरत बताते हुए कांग्रेस पर इसके रास्ते में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ विपक्षी दल इस विषय पर कांग्रेस के साथ खड़े हैं।
राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए रिजिजू ने कहा कि उनके प्रभाव के कारण कांग्रेस का रुख कठोर बना हुआ है। ये मंत्री के राजनीतिक आरोप हैं; कांग्रेस का पक्ष और विधेयक के वास्तविक प्रावधानों का स्वतंत्र आकलन अलग से देखना जरूरी है।
वोट चोरी के आरोप और मणिपुर की स्थिति पर बयान
चुनावों में कथित वोट चोरी के आरोपों पर रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस चुनावी हार से ध्यान हटाने के लिए यह मुद्दा उठाती है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भी दावे किए। ये आरोप हैं, जिनका निष्पक्ष मूल्यांकन संबंधित साक्ष्यों और चुनावी शिकायतों के आधार पर किया जाना चाहिए।
मणिपुर की स्थिति पर उन्होंने कहा कि राज्य में संघर्ष दुर्भाग्यपूर्ण है और केंद्र सरकार शांति बहाल करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हालात सामान्य होंगे। महिला आरक्षण, परिसीमन और विपक्ष के साथ बातचीत को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा जारी रहने की संभावना है।
Read More : US Hindu Temple Attack Plot : अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश, 105 सांसदों ने FBI से हेट क्राइम जांच मांगी