Durga Visarjan 2026 : शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के समापन के बाद पटना में आज मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। नौ दिनों तक पूजा-पाठ, भक्ति गीतों और धार्मिक आयोजनों से गुलजार रहे शहर में अब मां की विदाई की तैयारी है। पूजा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन में शांति की कामना कर रहे हैं। विसर्जन के दौरान भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालु नम आंखों से मां को विदाई देंगे।
पूजा पंडालों में नौ दिनों तक रही रौनक
नवरात्रि के दौरान पटना के विभिन्न इलाकों में आकर्षक दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए थे। कहीं पारंपरिक सजावट देखने को मिली, तो कहीं अनूठी थीम ने लोगों का ध्यान खींचा। पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती रही। ढाक की गूंज, धूप-दीप की सुगंध, आरती और भक्ति गीतों ने पूरे शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद लिया।
बंगाली परंपरा में सिंदूर खेला और धनुची नृत्य
दुर्गा पूजा के समापन पर बंगाली परंपरा के अनुसार कई स्थानों पर सिंदूर खेला का आयोजन किया जाएगा। इस रस्म में महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं और सुखी जीवन की कामना करती हैं। पूजा के दौरान कई पंडालों में धनुची नृत्य, पुष्पांजलि और अन्य पारंपरिक धार्मिक आयोजन भी हुए। अब विजयादशमी पर हवन-पूजन और अन्य अनुष्ठानों के बाद प्रतिमाओं को विदाई देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जुलूस और जयकारों के बीच होगी मां की विदाई
प्रतिमा विसर्जन के दौरान विभिन्न पूजा समितियों की ओर से जुलूस निकाले जाएंगे। श्रद्धालु भजन, ढोल-नगाड़ों और मां दुर्गा के जयकारों के साथ प्रतिमाओं को विसर्जन स्थलों तक ले जाएंगे। विदाई के समय भक्तों के बीच भावुक माहौल रहने की संभावना है। पूजा समितियां विसर्जन से जुड़ी तैयारियां कर रही हैं, ताकि धार्मिक कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें।
गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए आर्टिफिशियल तालाब
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के मद्देनजर पटना नगर निगम ने विशेष व्यवस्था की है। गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से घाटों पर कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं। जिन स्थानों पर पहले से तालाब मौजूद हैं, वहां सफाई और मरम्मत का काम कराया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित स्थलों पर कराया जाए और नदी में पूजन सामग्री व मूर्तियों के अवशेष जाने से रोके जा सकें।
घाटों पर अतिरिक्त सफाईकर्मी और सुरक्षा व्यवस्था
विसर्जन के बाद मूर्तियों के अवशेष और पूजन सामग्री निकालने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। घाटों पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पाटलिपुत्र अंचल में 30 और अजीमाबाद अंचल में 140 अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रमुख घाटों पर गोताखोर तैनात रहेंगे। इसके अलावा विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इन इंतजामों का उद्देश्य विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनाए रखना और सफाई व्यवस्था को प्रभावी रखना है।
पर्यावरण और सुरक्षा पर प्रशासन का जोर
पटना में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। कृत्रिम तालाबों, सफाईकर्मियों और सुरक्षा इंतजामों के जरिए विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। श्रद्धालुओं से अपेक्षा है कि वे निर्धारित स्थलों पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
Read More : IND vs NZ T20I Series 2026: T20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को मौका क्यों नहीं, श्रेयस अय्यर ने बताई वजह