Shiva Sharma Death Case : शिवा शर्मा की मौत के मामले में यूट्यूबर श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद उसकी कथित फरारी की कहानी चर्चा में है। खबरों के मुताबिक, श्रद्धा करीब 10 दिनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रही और इस दौरान लगभग 2,200 किलोमीटर का सफर तय किया। जांच के दौरान सामने आए विवरणों के अनुसार, उसने लगातार ठिकाने बदले और अपनी पहचान छिपाने के लिए कई तरीके अपनाए। आखिरकार, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद उसे महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया।
सिम कार्ड फेंककर संपर्क के दूसरे तरीके अपनाने का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल फोन की लोकेशन के जरिए पकड़े जाने से बचने के लिए श्रद्धा ने अपने सिम कार्ड निकालकर फेंक दिए थे। बताया जा रहा है कि बातचीत के लिए फेसटाइम और व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। इंटरनेट चलाने के लिए वह कथित तौर पर राह चलते लोगों, रिक्शा चालकों और कैब ड्राइवरों के मोबाइल कनेक्शन या हॉटस्पॉट पर निर्भर रही। हालांकि, इन विवरणों की आधिकारिक पुष्टि और जांच में उनकी भूमिका का अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों के बयानों से ही स्पष्ट होगा।
इंटरनेट कनेक्शन की जांच से पुलिस को मिले सुराग
बताया जाता है कि आरोपी जिस वाहन से सफर करते थे, उसके चालक के मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल बातचीत के लिए किया जाता था। ऐसे में पुलिस जब किसी इंटरनेट कनेक्शन या आईपी एड्रेस की जांच करती, तो संबंधित मोबाइल किसी स्थानीय रिक्शा चालक या कैब ड्राइवर का निकलता। इससे जांच टीम को वास्तविक ठिकाने तक पहुंचने में मुश्किल हुई। इसके बावजूद पुलिस ने कनेक्शन के सक्रिय होने और फिर बंद होने के पैटर्न सहित अन्य सुरागों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई।
नागपुर जाने वाली कैब के चालक से मिली अहम जानकारी
सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के अनुसार, श्रद्धा को नागपुर तक ले जाने वाली कैब के चालक के मोबाइल कनेक्शन से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। कनेक्शन से जुड़े संकेतों के आधार पर संबंधित मार्ग पर निगरानी बढ़ाई गई। बताया गया है कि फतेहपुर में लोकेशन से जुड़े इनपुट मिलने के बाद प्रयागराज से एसटीएफ की टीम भी सक्रिय हुई। इसके बाद जांच टीम अलग-अलग सुरागों का पीछा करते हुए नागपुर पहुंची।
बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश भी गिरफ्तार
रिपोर्ट के मुताबिक, कैब चालक आरोपियों को छोड़कर वापस लौट रहा था, तभी लखनऊ पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर नागपुर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। चालक से मिली जानकारी की मदद से पुलिस कथित तौर पर उस फ्लैट तक पहुंची, जहां श्रद्धा छिपी हुई थी। 20 अक्टूबर 2026 को श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि फरारी के दौरान आरोपी नेपाल सीमा तक गए और बाद में आगरा के रास्ते नागपुर पहुंचे। गिरफ्तारी से पहले श्रद्धा के लखनऊ आकर मीडिया के सामने आने की बात भी कही गई है।
क्या है शिवा शर्मा की मौत का पूरा मामला?
यह मामला 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिवा शर्मा की इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक के परिवार ने श्रद्धा दुबे पर हत्या, मारपीट और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। मामले में आरोपों की सत्यता और मौत की परिस्थितियों का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। गिरफ्तारी अपने आप में आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस की आगे की जांच से फरारी, कथित डिजिटल सुरागों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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