Passport Rules 2026 : केंद्र सरकार ने पासपोर्ट से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पासपोर्ट की वैधता को लेकर नया प्रावधान लागू किया है। नए नियम के मुताबिक, अब इस आयु वर्ग के बच्चों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की वैधता पांच साल तक होगी। सरकार के इस बदलाव का सीधा असर उन अभिभावकों पर पड़ेगा, जो अपने नाबालिग बच्चों के लिए नया पासपोर्ट बनवाने या उसका नवीनीकरण कराने की तैयारी कर रहे हैं।
पहले क्या था पासपोर्ट की वैधता का नियम
बच्चों के पासपोर्ट की वैधता को लेकर पहले अलग-अलग परिस्थितियों में नियम लागू होते थे। नाबालिगों के लिए पासपोर्ट सामान्यतः उनकी उम्र और दस्तावेजों के आधार पर जारी किया जाता था। अब सरकार ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पांच वर्ष की वैधता को स्पष्ट किया है। इससे पासपोर्ट से संबंधित प्रक्रिया को समझना अभिभावकों के लिए आसान हो सकती है और दस्तावेज की अवधि को लेकर भ्रम कम होने की उम्मीद है।

15 साल की उम्र के बाद बदल जाएगा प्रावधान
पासपोर्ट नियमों में उम्र के आधार पर अलग प्रावधान होने की वजह से 15 साल की उम्र के बाद दस्तावेज संबंधी आवश्यकताएं भी बदल सकती हैं। बच्चों की उम्र बढ़ने के साथ उनकी पहचान और फोटो में बदलाव को ध्यान में रखते हुए पासपोर्ट अपडेट कराना जरूरी हो सकता है। इसलिए अभिभावकों को पासपोर्ट की वैधता खत्म होने की तारीख पर नजर रखनी होगी और समय रहते नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

विदेश यात्रा करने वाले बच्चों पर पड़ेगा असर
इस बदलाव का महत्व उन परिवारों के लिए अधिक है, जिनके बच्चे पढ़ाई, छुट्टियों, प्रतियोगिताओं या पारिवारिक यात्रा के लिए विदेश जाते हैं। विदेश यात्रा के दौरान वैध पासपोर्ट सबसे जरूरी दस्तावेजों में शामिल होता है। पांच साल की वैधता होने से बच्चे के पासपोर्ट की स्थिति को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता और संबंधित देश के प्रवेश नियमों की जांच करना जरूरी रहेगा।
पासपोर्ट आवेदन में दस्तावेज जरूरी
नाबालिग बच्चे का पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन करते समय अभिभावकों को निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। बच्चे की पहचान, जन्मतिथि और माता-पिता से संबंधित दस्तावेजों की आवश्यकता प्रक्रिया के अनुसार हो सकती है। आवेदन जमा करने से पहले पासपोर्ट सेवा से जुड़े मौजूदा दिशानिर्देशों की जांच करना जरूरी है, ताकि दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदन प्रक्रिया में देरी न हो।

फोटो और पहचान में बदलाव भी अहम
बच्चों की उम्र कम होने पर उनके चेहरे और पहचान में तेजी से बदलाव होता है। इसी वजह से नाबालिगों के पासपोर्ट में फोटो से संबंधित आवश्यकताओं को लेकर विशेष प्रावधान रखे जाते हैं। अभिभावकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि विदेश यात्रा के समय पासपोर्ट में मौजूद तस्वीर बच्चे की मौजूदा पहचान से पर्याप्त रूप से मेल खाती हो। जरूरत पड़ने पर नया पासपोर्ट बनवाना यात्रा संबंधी परेशानियों से बचने में मदद कर सकता है।
अभिभावकों को वैधता की तारीख याद रखनी होगी
नए नियम के बाद बच्चों के पासपोर्ट की वैधता पांच वर्ष होने से अभिभावकों को इसकी समाप्ति तिथि का ध्यान रखना होगा। खासकर विदेश यात्रा की योजना बनाने से पहले पासपोर्ट की अवधि जांचना जरूरी होगा। यदि पासपोर्ट समाप्त होने वाला है, तो समय रहते नवीनीकरण के लिए आवेदन करना बेहतर रहेगा, क्योंकि आवेदन और दस्तावेज सत्यापन में समय लग सकता है।
नियम में बदलाव का उद्देश्य क्या है
सरकार की ओर से पासपोर्ट व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव किए जाते हैं, ताकि आवेदन और दस्तावेज संबंधी प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया जा सके। 15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट की पांच साल की वैधता का नया प्रावधान इसी व्यवस्था का हिस्सा है। अभिभावकों को आवेदन करते समय आधिकारिक पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम नियमों और पात्रता संबंधी जानकारी को जरूर देखना चाहिए।
Read More : Iran UN Vote: अमेरिका के प्रस्ताव पर रूस-चीन का वीटो, 11 वोटों के बावजूद नहीं पास हुआ प्रस्ताव


