National Lok Adalat : वर्षों से अदालतों में लंबित मामलों के त्वरित और आपसी सहमति से समाधान के लिए आयोजित नेशनल लोक अदालत में सरगुजा जिले में बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण हुआ। शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय अंबिकापुर सहित सीतापुर न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में तीन हजार से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया। वहीं राजस्व न्यायालयों में भी 2,200 से अधिक मामलों का निराकरण हुआ। लोक अदालत में वर्षों से चल रहे विवादों में पक्षकारों ने आपसी सहमति से समझौता कर कानूनी विवादों को समाप्त किया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरगुजा अंबिकापुर शक्ति सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में 12 सितंबर 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

हाईवा से उछले पत्थर से मौत, परिवार को 22.50 लाख रुपये
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से जुड़े एक मामले में मृतक के परिजनों को 22 लाख 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाकर प्रकरण का निराकरण किया गया। मामला 9 जून 2024 का है। ग्राम बरियो बस स्टैंड के पास हाईवा ट्रक से सड़क का पत्थर उछलकर सूरज केशरी के सिर में लगा था। गंभीर चोट के बाद उसे अंबिकापुर और फिर रायपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक की पत्नी, बच्चों और माता-पिता ने वाहन मालिक महामाया एसोसिएट्स के प्रोपराइटर तथा एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विरुद्ध मोटर यान अधिनियम की धारा 166 के तहत क्षतिपूर्ति का दावा प्रस्तुत किया था। द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुमित कुमार सोनी की खंडपीठ में लंबित इस मामले में बीमा कंपनी और पक्षकारों के बीच समझौता हुआ। इसके बाद मृतक के परिजनों को 22.50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति पर सहमति बनी और मामला लोक अदालत में समाप्त हुआ।
चेक बाउंस का 23 साल पुराना मामला भी सुलझा
लोक अदालत में चेक बाउंस से जुड़ा 23 वर्षों से लंबित मामला भी आपसी राजीनामे से समाप्त हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की खंडपीठ में लंबित इस प्रकरण में परिवादी स्वर्गीय दिलीप सिंह की पत्नी और अभियुक्त के बीच 3 लाख 49 हजार रुपये की राशि को लेकर स्वेच्छापूर्वक समझौता हुआ। दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामले का निराकरण किया गया।


पांच साल पुराने विवादों में भी समझौता
सीतापुर व्यवहार न्यायालय की खंडपीठ में वर्ष 2021 से लंबित एक मामले में पक्षकारों ने पुराने विवाद को समाप्त करते हुए आपसी सहमति से समझौता किया। इससे करीब पांच साल से लंबित प्रकरण का निपटारा हुआ और पक्षकारों के बीच चला आ रहा विवाद भी खत्म हो गया।
अंबिकापुर व्यवहार न्यायालय की खंडपीठ में भी बच्चों के आपसी विवाद से शुरू हुआ झगड़ा लोक अदालत में सुलझा। एक ही गांव के दो परिवारों के बच्चों के बीच विवाद के बाद दोनों परिवारों में गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने के आरोपों को लेकर अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। करीब पांच वर्षों से लंबित दोनों मामलों में पक्षकारों ने आपसी मतभेद भुलाकर स्वेच्छा से समझौता किया, जिसके बाद दोनों प्रकरणों का निराकरण हो गया।
चेक बाउंस और मारपीट के मामलों में भी राजीनामा
व्यवहार न्यायालय अंबिकापुर की एक अन्य खंडपीठ में पांच वर्षों से लंबित चेक बाउंस का परिवाद भी पक्षकारों के बीच आपसी समझौते के बाद समाप्त किया गया। इसी खंडपीठ में वर्ष 2021 से लंबित मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी से जुड़े आपराधिक मामले में भी पक्षकारों ने समझौता कर लिया।

परिवार न्यायालय और किशोर न्याय बोर्ड के मामले भी निपटे
नेशनल लोक अदालत में किशोर न्याय बोर्ड के चार तथा परिवार न्यायालय के 13 प्रकरणों का भी आपसी राजीनामे के आधार पर निराकरण किया गया। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन मामलों का भी समाधान किया गया। राजस्व न्यायालयों में 2,200 से अधिक मामलों के निराकरण के साथ लोक अदालत ने लंबे समय से लंबित विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


