Ambikapur News : सरगुजा जिले के स्वास्थ्य विभाग में संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को लेकर बड़ा प्रशासनिक यू-टर्न सामने आया है। हाल ही में संलग्न कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल भेजने के फैसले के महज 10 दिन बाद ही अब 16 अधिकारी-कर्मचारियों को फिर से शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा में पूर्ववत कार्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय से जारी इस आदेश ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कार्य प्रभावित होने की आशंका पर लिया गया फैसला
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नवापारा शहरी स्वास्थ्य केंद्र से कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने के बाद वहां स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति बन रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए 16 अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से वापस बुलाया गया है और उन्हें अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉक्टर, नर्स और स्टाफ शामिल
वापस बुलाए गए कर्मचारियों में शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, सुपरवाइजर, स्टाफ नर्स, एएनएम, नर्सिंग ऑफिसर और मेडिकल रिकॉर्ड ऑफिसर जैसे अहम पद शामिल हैं। ये सभी पहले जिला अस्पताल, दरिमा, बतौली और धौरपुर जैसे विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थ थे।
पहले हटाए गए थे 35 संलग्न कर्मचारी
गौरतलब है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधानसभा में घोषणा की थी कि राज्यभर में संलग्न स्वास्थ्य कर्मियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजा जाएगा। इसी निर्देश के तहत सरगुजा जिले में करीब 10 दिन पहले 35 कर्मचारियों को हटाया गया था।
व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
अब उन्हीं में से 16 कर्मचारियों को दोबारा नवापारा में तैनात करने के फैसले ने स्वास्थ्य विभाग की योजना और क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए कर्मचारियों को हटाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होना तय था।
कलेक्टर की मंजूरी से जारी हुआ आदेश, मरीजों को राहत की उम्मीद
सीएमएचओ द्वारा जारी यह आदेश कलेक्टर के अनुमोदन के बाद लागू किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि नवापारा शहरी स्वास्थ्य केंद्र में शुरु हुई स्वास्थ्य सेवाओं की परेशानियों से कलेक्टर अजीत वसन्त को अवगत कराया गया। जिसके बाद कलेक्टर ने स्वयं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से बात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया है।
हालांकि, कर्मचारियों की वापसी से नवापारा शहरी स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं के पटरी पर लौटने की उम्मीद जरूर जगी है। अब देखने वाली बात होगी कि विभाग भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए क्या स्थायी रणनीति बनाता है।


















