India Women vs Zimbabwe: बड़ौदा में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिंबाब्वे को 121 रन से हराकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। रविवार को हुए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में छह विकेट पर 328 रन बनाए। कप्तान स्मृति मंधाना के जल्दी आउट होने के बाद हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शानदार शतकीय पारियां खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में जिंबाब्वे की टीम 207 रन पर सिमट गई। हरमनप्रीत को उनकी 126 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

शुरुआती झटकों के बाद हरमनप्रीत और प्रतिका ने संभाली पारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी तीसरे ओवर में आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। भारत ने महज 19 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। ऐसे मुश्किल समय में हरमनप्रीत कौर और प्रतिका रावल ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण शतकीय साझेदारी की और भारतीय पारी को स्थिरता प्रदान की। प्रतिका ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए, जबकि हरमनप्रीत ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को 143 रन तक पहुंचाया।

हरमनप्रीत कौर ने वनडे करियर का आठवां शतक जड़ा
प्रतिका रावल के आउट होने के बाद तेजल हसबनिस केवल तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने हरमनप्रीत का साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन जुटाते हुए पांचवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी पूरी की। हरमनप्रीत ने 101 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जिसमें 12 चौके शामिल थे। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। उन्होंने 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उनकी पारी में 14 चौके और दो छक्के शामिल रहे। हरमनप्रीत के आउट होने तक भारतीय टीम 300 रन का आंकड़ा पार कर चुकी थी।
दीप्ति शर्मा ने भी जड़ा शानदार शतक
हरमनप्रीत के आउट होने के बाद दीप्ति शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। हालांकि, ऋचा घोष सात रन बनाकर आउट हो गईं, लेकिन दीप्ति ने दूसरे छोर पर रन बनाने की गति कम नहीं होने दी। उन्होंने 83 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहीं। दीप्ति ने 86 गेंदों पर 106 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल थे। सयाली सतघरे तीन रन बनाकर नाबाद रहीं। भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में छह विकेट खोकर 328 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
जिंबाब्वे की अच्छी शुरुआत, लेकिन भारतीय स्पिनरों का दबदबा
329 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिंबाब्वे ने शुरुआती विकेट बचाकर खेलने की कोशिश की। मोडेस्टर मुपाचिकवा और लॉरेन फिरी ने पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़े। इसके बाद चिपो मुगेरी तिरिपानो ने मुपाचिकवा के साथ पारी आगे बढ़ाई। दोनों ने टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। तिरिपानो 46 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि मुपाचिकवा 49 रन पर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर जिंबाब्वे की बल्लेबाजी को दबाव में ला दिया।

वैष्णवी और दीप्ति की फिरकी में फंसी जिंबाब्वे
तीन विकेट पर 120 रन बनाने के बाद जिंबाब्वे की पारी लड़खड़ा गई। बिलव्ड बिजा ने 34 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए और विपक्षी टीम को 48.5 ओवर में 207 रन पर समेट दिया। वैष्णवी शर्मा ने 39 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा ने 32 रन देकर तीन बल्लेबाजों को आउट किया। सयाली सतघरे, जे कलिता और श्रीचरिणी को एक-एक विकेट मिला। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली और तीसरे मुकाबले से पहले 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
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