BJP Congress Clash : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बनने का आरोप लगाने और उन्हें खुली बहस की चुनौती देने के बाद राहुल गांधी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के निशाने पर आ गए हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनकी तुलना इस्लामी कट्टरपंथियों से कर दी। उनके इस बयान ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है।
रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान की इस्लामी कट्टरपंथ से की तुलना
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बिल्कुल वैसी है, जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें, अलगाववादी भारतीय झंडा लेकर चलें या अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाएं।

रिजिजू ने अपने बयान में आगे कहा कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाना और दूसरी तरफ दूसरों पर विदेशी समर्थन लेने का आरोप लगाना अपने आप में मजाक जैसा है। उन्होंने बहस की गंभीरता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उच्च स्तर की चर्चा समझदार और परिपक्व लोगों के बीच होती है।

राहुल गांधी की समझदारी और परिपक्वता पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री के इस बयान को राहुल गांधी की राजनीतिक समझ और परिपक्वता पर सीधा हमला माना जा रहा है। रिजिजू ने बहस के लिए एक तरह का मानक तय करते हुए संकेत दिया कि ऐसी चर्चा में शामिल होने के लिए गंभीरता और समझदारी जरूरी है।
बीजेपी नेताओं की ओर से राहुल गांधी के बयान पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इससे प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है।

आखिर राहुल गांधी ने ऐसा क्या कहा था, जिससे भड़की बीजेपी?
दरअसल, विवाद की शुरुआत 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद हुई थी। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर देश को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि कुछ ताकतें देश में बाधा पैदा करने और अफवाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। पीएम मोदी ने इस दौरान लोगों को दिमागी नक्सलियों से सतर्क रहने की अपील भी की थी।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दी थी खुली बहस की चुनौती
प्रधानमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट साझा की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर विदेशी मदद के सहारे सत्ता तक पहुंचने और उसी समर्थन से प्रधानमंत्री बने रहने का आरोप लगाया था।
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन से चल रही है। उन्होंने विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन होने की बात कही।
राहुल ने प्रधानमंत्री को इन मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा था कि चर्चा के लिए कोई भी मंच और कोई भी समय तय किया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे बहस के लिए सामने आएं।
अमित शाह समेत बीजेपी नेताओं ने भी राहुल पर साधा निशाना
राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए यहां तक कहा था कि उन्हें युवा मोर्चा के अध्यक्ष से भी हराया जा सकता है।
अब किरेन रिजिजू के ताजा बयान ने इस विवाद को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। विदेशी समर्थन, सोशल मीडिया और प्रधानमंत्री की राजनीतिक लोकप्रियता को लेकर शुरू हुई बहस अब व्यक्तिगत टिप्पणियों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है।


