Dry Fruits Prices : दिवाली के त्योहार पर इस बार ड्राई फ्रूट्स के गिफ्ट बॉक्स पहले जैसे नजर नहीं आएंगे। बाजार में पिस्ता और बादाम की कीमतों में तेज उछाल के कारण कंपनियों और खुदरा कारोबारियों ने गिफ्ट हैंपर्स की सामग्री में बदलाव करना शुरू कर दिया है। कई पैक्स से पिस्ता लगभग गायब हो गया है। उसकी जगह कद्दू के बीज, अन्य बीज और बेरीज जैसे अपेक्षाकृत सस्ते विकल्प शामिल किए जा रहे हैं। वहीं, कीमतों को बजट में रखने के लिए बादाम की मात्रा भी कम की जा रही है।
पिस्ता की कीमतें एक साल में लगभग दोगुनी
ड्राई फ्रूट कारोबारियों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में पिस्ता की खुदरा कीमतें करीब दोगुनी हो चुकी हैं। इसकी प्रमुख वजह पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति में बाधा और अमेरिका के कैलिफोर्निया में फसल का कमजोर रहना है। नट्स एंड ड्राई फ्रूट्स काउंसिल ऑफ इंडिया के सेंट्रल गवर्निंग काउंसिल सदस्य रवींद्र मेहता के अनुसार, ईरान, अफगानिस्तान और कैलिफोर्निया जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से आने वाले पिस्ता के दाम बढ़े हैं। कैलिफोर्निया में उत्पादन पिछले साल के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे थोक बाजार में पिस्ता 50 प्रतिशत से अधिक महंगा हुआ है।

बादाम की कीमतों में भी 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी
पिस्ता के साथ बादाम भी महंगाई की मार झेल रहा है। इसकी कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कारोबारियों का कहना है कि उत्पादन में संभावित कमी और आयात से जुड़ी परेशानियों ने बाजार में उपलब्धता प्रभावित की है। अनुमान के मुताबिक, बादाम का उत्पादन भी करीब 10 प्रतिशत घट सकता है। हालांकि, दिवाली के बाद नई फसल बाजार में आने पर बादाम की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक गिरावट की उम्मीद जताई जा रही है।

पूरी ड्राई फ्रूट बास्केट 25 से 40 प्रतिशत महंगी
महंगाई का असर केवल पिस्ता और बादाम तक सीमित नहीं है। आयातकों, थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों के अनुसार, नट्स और ड्राई फ्रूट्स की पूरी बास्केट पिछले साल के मुकाबले लगभग 25 से 40 प्रतिशत महंगी हो गई है। खजूर, पेकान और कद्दू के बीजों के दाम भी 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़े हैं। दूसरी ओर, काजू, किशमिश, अखरोट और मखाना की कीमतों में तुलनात्मक रूप से कम तेजी बताई जा रही है।
आयात महंगा होने से बाजार पर बढ़ा दबाव
कीमतों में उछाल के पीछे खराब मौसम, वैश्विक उत्पादन में कमी, महंगी शिपिंग और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। ईरान और अफगानिस्तान से आपूर्ति धीमी हुई है। ईरान से माल मंगाने का परिवहन खर्च करीब 10 गुना तक बढ़ने की बात कही गई है। एयर फ्रेट महंगा होने से भी आयात प्रभावित हुआ है। इन परिस्थितियों के चलते ड्राई फ्रूट्स का आयात करीब 10 प्रतिशत घटने का अनुमान है।

गिफ्ट पैक्स का वजन घटा, बिक्री फिर भी बढ़ी
कारोबारियों के अनुसार, करीब 75 हजार करोड़ रुपये के भारतीय नट्स और ड्राई फ्रूट्स उद्योग की सालाना बिक्री का 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा दिवाली के दौरान आता है। कीमतें बढ़ने के बावजूद गिफ्ट पैक्स की बिक्री में सालाना 5 से 7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि, कंपनियां तय बजट में पैक तैयार करने के लिए उनका वजन घटा रही हैं।
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