Delhi Building Collapse : पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले चावड़ी बाजार इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गली शीश महल में हुए इस दर्दनाक हादसे के सिलसिले में पुलिस ने तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में निर्माण कार्य के दौरान गंभीर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आई है। इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य मजदूर और स्थानीय नागरिक घायल हुए थे।
मलबे में दबकर दो लोगों की मौत, कई लोग हुए घायल
जानकारी के मुताबिक, चावड़ी बाजार की गली शीश महल में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। इमारत गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग मलबे में दब गए। हादसे में किशोरी (40) और संजीत (45) की मौत हो गई। इसके अलावा कई मजदूर और स्थानीय लोग घायल हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली फायर सर्विसेज और स्थानीय पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया।

फरीदाबाद के तीन ठेकेदार गिरफ्तार, जानिए कौन हैं आरोपी
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जिन तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फुर्कान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद जिले की दाउज तहसील के ग्राम सिरोही के निवासी हैं।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाले गैर-इरादतन मानव वध से संबंधित है।पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी किसके पास थी और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।

MCD के दो इंजीनियर निलंबित, विभागीय कार्रवाई से मचा हड़कंप
इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी सख्त कदम उठाए हैं। अवैध निर्माण और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के चलते निगम ने दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित अधिकारियों में सहायक अभियंता मोहम्मद नसीम और कनिष्ठ अभियंता अमन दलाल शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस कार्रवाई को हादसे की जिम्मेदारी तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की जानकारी थी या नहीं और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
स्निफर डॉग्स की मदद से चलाया गया घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज और पुलिस की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई। संकरी गलियों के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
अवैध निर्माण की शिकायतों ने खड़े किए गंभीर सवाल
शुरुआती जांच में सामने आया है कि संकरी गली में कथित तौर पर बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना लेंटर डाला जा रहा था। स्थानीय स्तर पर पहले भी निर्माण को लेकर शिकायतें किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। इस घटना ने पुरानी दिल्ली में अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

