NCP Merger News : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के एक होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शरद पवार और अजित पवार खेमे के कई नेता पार्टी का दोबारा विलय चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों गुटों के कुछ वरिष्ठ नेताओं की इच्छा है कि वे फिर से एक ही राजनीतिक संगठन के तहत काम करें। इस संभावित घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रुख की भी चर्चा हो रही है। हालांकि, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार कथित तौर पर इस विचार के पक्ष में नहीं हैं।
ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मिले प्रफुल्ल पटेल
गुरुवार शाम NCP के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने शरद पवार से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच NCP के संभावित विलय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को लेकर भी चर्चा हुई।

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को शरद पवार को फोन करके उनकी तबीयत का हाल जाना था। अस्पताल के बाहर शरद पवार के मित्र विठ्ठल मनियार ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने और आराम करने की अपील की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि बातचीत के दौरान सुप्रिया सुले को लेकर एक राजनीतिक संदेश दिया गया था।

पीएम मोदी के फोन के बाद बढ़ीं राजनीतिक अटकलें
प्रधानमंत्री मोदी के फोन और प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से मुलाकात के बाद दोनों NCP गुटों के एक होने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। हालांकि, इन मुलाकातों को विलय की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता। फिलहाल दोनों खेमों की ओर से अलग-अलग राजनीतिक संकेत सामने आ रहे हैं।
NCP के विलय से BJP और NDA को क्या मिल सकता है?
राजनीतिक विश्लेषण के मुताबिक, यदि NCP के दोनों गुट एक हो जाते हैं और पार्टी NDA में शामिल होती है, तो विपक्षी INDIA गठबंधन को बड़ा झटका लग सकता है। शरद पवार विपक्षी गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उनकी पार्टी के शरदचंद्र पवार गुट के पास आठ सांसद हैं। ऐसे में उनका NDA के साथ जाना विपक्ष की एकजुटता और राजनीतिक रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

शरद पवार गुट को मिल सकते हैं राजनीतिक फायदे
विलय की चर्चाओं के बीच यह भी अटकलें हैं कि शरद पवार खेमे को सत्ता में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, सुप्रिया सुले को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। वहीं, जयंत पाटिल जैसे वरिष्ठ नेता को महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की अटकलें हैं। हालांकि, इन संभावित पदों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अमित शाह से मुलाकात के बाद NCP ने विलय की संभावना नकारी
इससे पहले NCP के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि नेताओं ने सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार के कथित एकतरफा फैसलों को लेकर चिंता जताई थी।
हालांकि, सोमवार को मुंबई में हुई NCP कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्टी ने विलय की संभावना को खारिज कर दिया। महाराष्ट्र NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे ने स्पष्ट कहा कि पार्टी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में मिलकर काम करेगी और शरदचंद्र पवार गुट के साथ विलय का कोई प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया है। ऐसे में महाराष्ट्र की राजनीति में आगे क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

