Mamata Banerjee News : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के घर पर हुए कथित हमले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता के कालीघाट इलाके में पारंपरिक काली पूजा आयोजनों में बाधा डालने का आरोप भी लगाया। अभिषेक बनर्जी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए ममता ने भाजपा को सीधे चुनौती दी।
‘मेरे सामने बुलडोजर चलाकर दिखाओ’, ममता बनर्जी की चुनौती
ममता बनर्जी ने कथित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर आक्रामक अंदाज में कहा कि भाजपा के पास जितने बुलडोजर हैं, उन्हें लेकर सामने आ जाए। उन्होंने कहा, ‘तुम्हारे पास कितने बुलडोजर हैं? आओ, मैं तुम्हारे ठीक सामने खड़ी हूं। मेरे शरीर पर, मेरी छाती पर बुलडोजर चला दो। मैं देखना चाहती हूं कि तुम कितने बहादुर हो।’ ममता के इस बयान को भाजपा के खिलाफ उनकी सीधी राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि वह कथित दबाव और कार्रवाई से पीछे हटने वाली नहीं हैं।

अभिषेक बनर्जी ने रात दो बजे हमले का लगाया आरोप
यह विवाद उस समय और बढ़ गया, जब अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि रात करीब दो बजे कालीघाट रोड स्थित उनके घर पर हमला किया गया। उन्होंने इस घटना के लिए भाजपा समर्थित लोगों को जिम्मेदार ठहराया। अभिषेक के मुताबिक, यह हमला TMC समर्थकों के साथ हुई झड़प के बाद हुआ। उन्होंने घटना को जानलेवा हमला बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

‘दो दिन तक घर की रेकी की गई’, सांसद का दावा
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि उनके घर पर हमले से पहले लगातार दो दिनों तक निगरानी की गई थी। उन्होंने लिखा कि रात करीब दो बजे भाजपा के गुंडों ने उनके घर को निशाना बनाया। उन्होंने घटना से जुड़ा फुटेज देखने की अपील करते हुए कहा कि जब एक निर्वाचित सांसद के घर पर ऐसा हमला हो सकता है, तो पश्चिम बंगाल में आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। अभिषेक ने यह भी दावा किया कि पिछले छह महीनों में उनकी जान लेने की सातवीं कोशिश हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और न्यायपालिका की ओर से भी कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ।
कालीघाट में पारंपरिक काली पूजा रोकने का आरोप
ममता बनर्जी ने कालीघाट इलाके में काली पूजा के आयोजनों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि वर्षों से आयोजित की जा रही कुछ पारंपरिक पूजाओं की अनुमति रद्द कर दी गई, जबकि मुख्य सड़क पर एक नए पूजा आयोजन को मंजूरी दे दी गई। उन्होंने कहा कि कालीघाट में काली पूजा के जुलूसों का पारंपरिक रास्ता रहा है। ऐसे में दिवाली और काली पूजा से ठीक पहले आयोजनों में बाधा डालना कई सवाल खड़े करता है।

स्थानीय क्लबों को रोकने और अशांति फैलाने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इलाके के स्थानीय क्लबों को भी अपनी गतिविधियां करने से रोका जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर क्षेत्र में तनाव और अशांति फैलाने के लिए गुंडागर्दी का सहारा लेने का आरोप लगाया। ममता ने सवाल किया कि जब पारंपरिक रूप से पूजा आयोजन परिसर के अंदर होते रहे हैं, तो मुख्य सड़क पर नया आयोजन क्यों किया जा रहा है?
पूजा स्थल तक पहुंचने का रास्ता बंद होने का दावा
ममता बनर्जी के मुताबिक, मुख्य सड़क पर नए पूजा आयोजन की वजह से उनके अपने पूजा कार्यक्रम तक पहुंचने का रास्ता भी बाधित हो गया है। उन्होंने इसे परंपरागत धार्मिक आयोजनों में हस्तक्षेप बताया। उन्होंने भाजपा को फिर चुनौती देते हुए कहा कि वह ऐसी कार्रवाइयों के सामने झुकने के बजाय उनका सामना करेंगी। फिलहाल अभिषेक के घर पर कथित हमले और काली पूजा विवाद ने बंगाल की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है।
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