रायपुर@thetarget365 : छत्तीसगढ़ में बर्खास्त B.Ed सहायक शिक्षकों ने समायोजन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर गुरुवार को 2,621 फीट लंबी चुनरी यात्रा निकाली। यह यात्रा ISBT बस स्टैंड भाठागांव से शीतला माता मंदिर तक निकाली गई। यह शिक्षकों के आंदोलन का 111वां दिन था।
महिला शिक्षकों ने कहा कि यह सिर्फ नौकरी की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की लड़ाई है। नवरात्रि के अवसर पर शक्ति की आराधना के साथ, उन्होंने अपने संघर्ष को मां दुर्गा से जोड़ते हुए कहा कि जैसे देवी ने अधर्म के खिलाफ शस्त्र उठाए, वैसे ही वे भी अपने अधिकारों के लिए अडिग हैं।
शिक्षिका गायत्री देवी मिंज ने कहा – “मैंने अपने विद्यार्थियों को घर और स्कूल, दोनों जगह संभाला। अब जब न्याय की घड़ी आई है, तो हम अपने हक के लिए खड़े हैं। हमें विश्वास है कि सरकार हमारी मांगों को समझेगी।”
निकिता देशमुख ने कहा – “एक शिक्षिका, जो स्वयं नारी शक्ति का प्रतीक है, न्याय की आस में संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। हमें विश्वास है कि मां दुर्गा का आशीर्वाद हमें न्याय दिलाएगा।”
आज होगी समिति की बैठक
3 जनवरी 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई समिति की दूसरी बैठक आज (4 अप्रैल) प्रस्तावित है। शिक्षकों को उम्मीद है कि इस बैठक में समायोजन को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
बर्खास्त शिक्षकों ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार पर पूर्ण विश्वास है। उन्हें आशा है कि समिति का निर्णय उनके पक्ष में होगा। इस आंदोलन को जनता का भी व्यापक समर्थन मिला है, जिससे शिक्षकों के संघर्ष को नई ऊर्जा मिली है।