अंबिकापुर@thetarget365 : शहर के गांधीनगर इलाके में स्थित पुलिस आरक्षक के घर से एके-47 राइफल, 90 कारतूस और जेवरातों की चोरी करने वाले दो संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी किया गया सारा सामान बरामद कर लिया है। दोनों संदिग्ध आदतन चोर हैं और उन्होंने हथियार व कारतूस को मिट्टी में दबाकर छुपा दिया था। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
कैसे हुआ चोरी का खुलासा
बलरामपुर जिले में पदस्थ आरक्षक आशीष तिर्की के अंबिकापुर स्थित गांधीनगर निवास से यह चोरी हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था क्योंकि चोरी हुए सामान में सर्विस राइफल और कारतूस भी शामिल थे। सुरक्षा की दृष्टि से यह एक गंभीर मामला था, इसलिए पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतते हुए जांच शुरू की।

जांच के दौरान यह सामने आया कि चोरों को घर की भौगोलिक परिस्थितियों की पूरी जानकारी थी, जिससे संदेह हुआ कि कोई जानकार ही इस घटना के पीछे हो सकता है। घटनास्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर एक संदिग्ध का घर पाया गया, जो पहले भी चोरी के मामलों में संलिप्त रहा था। सीसीटीवी फुटेज में उसकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने उस पर नजर रखनी शुरू की और उसकी हरकतों से संदेह और मजबूत हुआ।
छापेमारी में दोनों आरोपी गिरफ्तार
शुक्रवार की सुबह पुलिस टीम ने गांधीनगर स्थित मुख्य संदिग्ध के निवास पर छापा मारा, जहां वह अपने साथी के साथ सोता हुआ मिला। पहले तो उन्होंने चोरी से इनकार किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने घर के पास खुदाई कर एके-47 राइफल, 90 कारतूस और जेवरात बरामद कर लिए।
सूने घरों को बनाते थे निशाना
सरगुजा पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने गांधीनगर थाने पहुंचकर बरामद हथियारों और कारतूसों का निरीक्षण किया। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया कि गिरफ्तार संदिग्ध केवल सूने मकानों को ही निशाना बनाते थे। उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस को पहले से ही उन पर शक था।
कई और चोरी के मामलों का होगा खुलासा
पुलिस को संदिग्धों के घर से भारी मात्रा में सोने-चांदी के गहनों के खाली डब्बे और कई व्यावसायिक संस्थाओं के बिल भी मिले हैं। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि ये दोनों आरोपी शहर में हुई कई अन्य चोरियों में भी शामिल हो सकते हैं। 20 मार्च को हुई एक बड़ी चोरी में भी इनकी संलिप्तता सामने आ रही है।
यह था मामला
बलरामपुर जिले में आरक्षक के पद पर पदस्थ आशीष तिर्की को गनमैन की ड्यूटी पर एके-47 राइफल और कारतूस जारी किए गए थे। 30 मार्च को वह अंबिकापुर आया और 1 अप्रैल को पत्नी के साथ ससुराल चला गया। 2 अप्रैल को जब उसकी मां कोरबा से घर लौटीं तो पाया कि घर में चोरी हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही अन्य चोरियों के खुलासा होने की संभावना है।