Akhilesh Yadav : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित कर उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी, अग्निवीर योजना और संघ परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी सोच जरूरी है, न कि वोटबैंक और विभाजनकारी राजनीति।

“बीजेपी की विचारधारा सिर्फ सत्ता के लिए बदलती है”
अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि,”मुख्यमंत्री ने पूरी भारतीय जनता पार्टी को गच्चा दिया है। न वो कभी बीजेपी के सदस्य थे, न उन्होंने कभी बीजेपी की विचारधारा को माना। उन्होंने सिर्फ कुर्सी पाने के लिए भाजपा की सदस्यता ली।”अखिलेश का यह बयान मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा संकेत माना जा रहा है, जहां वैचारिक स्थिरता की बजाय सत्ता की राजनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

अग्निवीर योजना पर सपा प्रमुख का दो टूक
उन्होंने कहा कि “हमारी फौज मजबूत होनी चाहिए, लेकिन अग्निवीर जैसी अल्पकालिक योजना से देश की सुरक्षा कमजोर हो रही है। जब हम अग्निवीर व्यवस्था को खत्म करेंगे तभी हम सही मायनों में मुकाबला कर सकेंगे।” यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव ने इस योजना का विरोध किया है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस जैसे मंच पर यह मुद्दा उठाना साफ दर्शाता है कि विपक्ष इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का बड़ा प्रश्न मानता है।
“किसान मजबूत होगा तभी देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा”
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने किसानों और अर्थव्यवस्था को भी जोड़ते हुए कहा कि,”जितना हमारा किसान मजबूत होगा, उतना ही देश की आर्थिक स्थिति सशक्त होगी।”यह बयान साफ तौर पर केंद्र सरकार की कृषि नीतियों पर सवालिया निशान है और संकेत है कि सपा आने वाले चुनावों में किसानों को प्रमुख एजेंडे में रखेगी।
सुप्रीम कोर्ट पर जताया भरोसा
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक चुनावी फैसले को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि,“मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने कम से कम लोकतंत्र को बचाने का काम किया है। इससे अब राजनीतिक पार्टियां बूथ स्तर पर अपने वोट बचा सकेंगी।”
“संघ की विचारधारा विदेशी, मुंह से स्वदेशी”
अखिलेश यादव ने संघ परिवार पर भी निशाना साधते हुए कहा,“बीजेपी मुंह से स्वदेशी है लेकिन मन से विदेशी। संघ की विचारधारा कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं रही।”उन्होंने संघ से जुड़े संगठनों को ब्रिटिश काल का उपज बताया और कहा कि इन्हें धर्म के आधार पर समाज में दरार पैदा करने के लिए खड़ा किया गया था।
अखिलेश यादव का स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया यह बयान स्पष्ट रूप से राजनीतिक मोर्चे पर बीजेपी के खिलाफ आक्रामक रणनीति का हिस्सा है। अग्निवीर योजना, किसान नीति, सुप्रीम कोर्ट का फैसला और संघ की विचारधारा—इन सभी मुद्दों पर उनका बयान सत्तारूढ़ दल के लिए कई सवाल खड़े करता है। यह तय है कि 2026 के आम चुनाव से पहले देश की राजनीति और भी तीखी होने वाली है।
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