PM Modi Rahul attack : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष और विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। एनडीए नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में कई युवा और प्रतिभाशाली नेता हैं, लेकिन वे राहुल गांधी के डर से खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते। मोदी के इस बयान ने सियासी हलकों में एक बार फिर वंशवाद बनाम योग्यता की बहस को हवा दे दी है।

सूत्रों के अनुसार, यह टिप्पणी संसद के बादल सत्र के अंतिम दिन एनडीए सहयोगियों के साथ चर्चा के दौरान सामने आई। प्रधानमंत्री ने कहा, “विपक्ष में कई संभावनाशील नेता हैं, लेकिन कांग्रेस जैसे दलों में उन्हें अवसर नहीं मिलते। राहुल गांधी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं और इसी वजह से वे इन नेताओं को उभरने नहीं देते।”

गांधी परिवार पर सीधा हमला
प्रधानमंत्री का यह बयान सीधे तौर पर गांधी परिवार की नेतृत्व शैली पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में वंशवाद इतनी गहराई तक समाया हुआ है कि वास्तविक प्रतिभा को उभरने नहीं दिया जाता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति में योग्यता और जनता के प्रति जवाबदेही ही नेतृत्व का आधार होना चाहिए, ना कि परिवार से जुड़ाव। मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब विपक्ष खुद को “INDIA गठबंधन” के ज़रिए एकजुट दिखाने की कोशिश में है। लेकिन भाजपा यह दर्शाने की कोशिश कर रही है कि विपक्षी गठबंधन के भीतर भी असंतोष और असमानता है।
ऑनलाइन गेमिंग बिल पर भी बोले पीएम
बैठक में प्रधानमंत्री ने ‘ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार और नियमन विधेयक’ के पारित होने की भी प्रशंसा की। उन्होंने इसे एक “दूरगामी और आवश्यक सुधार” बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बिल युवाओं की ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की लत को नियंत्रित करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि कई युवा सट्टा ऐप्स और अवैध गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे अवसाद, मानसिक रोग और आत्महत्या जैसे गंभीर खतरे बढ़ रहे हैं। सरकार का मकसद इन पर लगाम लगाकर घरेलू और शैक्षिक गेमिंग स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। बिल के अनुसार, अब ऑनलाइन मनी गेम्स का संचालन एक दंडनीय अपराध होगा, और ऐसे संगठनों को भारी जुर्माने और जेल की सज़ा का सामना करना पड़ सकता है।
विपक्ष की भूमिका पर असंतोष
बादल सत्र को लेकर प्रधानमंत्री ने विपक्ष की भूमिका पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना और अराजकता फैलाने वाला रहा। इसके बावजूद, कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए, जो सरकार की कार्यकुशलता को दर्शाते हैं। मोदी ने यह भी कहा कि संसद में बहस और संवाद का स्तर गिर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। विपक्ष के सांसदों के बार-बार वॉकआउट और हंगामे की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि यह जनता के समय और संसाधनों की बर्बादी है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान विपक्ष पर एक सुनियोजित राजनीतिक हमला माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब 2026 के चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। राहुल गांधी और कांग्रेस पर वंशवाद और नेतृत्व की कमी के आरोप फिर से चर्चा में हैं।
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