PM Modi Finland talks: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक बातचीत हुई। इस बातचीत की जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी कर साझा की। चर्चा का केंद्र रूस-यूक्रेन युद्ध, भारत-फिनलैंड द्विपक्षीय संबंध, और तकनीकी सहयोग के संभावित क्षेत्र रहे।

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर शांति बहाली की चर्चा
राष्ट्रपति स्टब ने प्रधानमंत्री मोदी को वाशिंगटन में हुई उस बैठक के बारे में जानकारी दी, जिसमें यूरोपीय संघ, अमेरिका और यूक्रेन के नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान पर विचार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी शांति बहाली के प्रयासों का समर्थन करते हुए भारत की “शांति और संवाद के मार्ग” की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से ही विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है और आगे भी रहेगा।

भारत-फिनलैंड द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा
दोनों नेताओं के बीच क्वांटम टेक्नोलॉजी, 6G सेवाएं, इंटरनेट टेक्नोलॉजी, और साइबर सुरक्षा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। भारत और फिनलैंड के बीच तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए संभावनाएं तलाशने पर सहमति बनी।
मुक्त व्यापार समझौते पर फिनलैंड का समर्थन
फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को लेकर फिनलैंड की ओर से पूर्ण समर्थन की पुष्टि की। यह समझौता भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने में सहायक हो सकता है।
नेताओं की X (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रिया
बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर लिखा,”फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ व्यापार, तकनीक और वैश्विक शांति पर सार्थक चर्चा हुई। फिनलैंड भारत का अहम यूरोपीय साझेदार है, और हम द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त बनाने के लिए तत्पर हैं।” वहीं, राष्ट्रपति स्टब ने भी अपनी X पोस्ट में लिखा,”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सकारात्मक बातचीत हुई। रूस-यूक्रेन युद्ध के न्यायपूर्ण समाधान, भारत की भूमिका और भारत-यूरोपीय संघ सहयोग को गहरा करने पर विचार-विमर्श हुआ।”
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति स्टब की बातचीत वैश्विक कूटनीति, तकनीकी साझेदारी और व्यापारिक संबंधों की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। जहां एक ओर भारत वैश्विक मंच पर शांति और संवाद की नीति को मजबूती से रख रहा है, वहीं दूसरी ओर टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते भी खोल रहा है।










