Nehru Bungalow Ssold: देश की राजधानी के सबसे पॉश और सुरक्षित इलाके लुटियंस दिल्ली में स्थित देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का ऐतिहासिक बंगला अब इतिहास बन चुका है। इस बंगले की बिक्री 1100 करोड़ रुपये में हुई है, जो अब तक की भारत की सबसे महंगी रियल एस्टेट डील मानी जा रही है।

नेहरू का पहला आधिकारिक निवास
यह बंगला लुटियंस दिल्ली के मोतीलाल नेहरू मार्ग पर स्थित है और लगभग 3.7 एकड़ (14,973 वर्ग मीटर) क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह वही बंगला है, जहां जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने प्रारंभिक वर्षों में निवास किया था। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह संपत्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

मालिक कौन थे?
अब तक यह बंगला राजस्थान के राजघराने से जुड़ी दो महिलाओं – राजकुमारी कक्कड़ और बीना रानी – के स्वामित्व में था। कानूनी औपचारिकताओं के तहत एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें किसी अन्य दावेदार के सामने आने की संभावना तलाशी गई। लेकिन किसी ने आपत्ति नहीं जताई, जिसके बाद सौदे को अंतिम रूप दे दिया गया।
किसने खरीदा?
सूत्रों के मुताबिक, यह बंगला एक प्रसिद्ध शराब कारोबारी उद्योगपति ने खरीदा है। हालांकि, खरीददार की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह तय है कि यह सौदा लुटियंस दिल्ली के इतिहास में एक नया मील का पत्थर है। शुरुआती मांग 1400 करोड़ रुपये थी, लेकिन लंबी बातचीत के बाद डील 1100 करोड़ रुपये पर फाइनल हुई।
क्यों है यह सौदा खास?
यह अब तक की भारत की सबसे बड़ी रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी डील है। लुटियंस दिल्ली में संपत्ति खरीदना न केवल आर्थिक शक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक रसूख भी दर्शाता है।यह बंगला इतिहास, राजनीति और विरासत का प्रतीक रहा है – ऐसे में इसकी मांग केवल रियल एस्टेट मूल्य पर आधारित नहीं, बल्कि संवेदनात्मक और प्रतीकात्मक मूल्य भी है।
लुटियंस दिल्ली: अमीरों और शक्तिशाली लोगों का ठिकाना
लुटियंस दिल्ली देश के शीर्ष नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों और विदेशी राजदूतों का गढ़ माना जाता है। यहां की जमीन भारत में सबसे महंगी है, और हर वर्ग मीटर का दाम करोड़ों में आँका जाता है। इस इलाके में किसी भी नई बिक्री पर नज़रें टिकी रहती हैं, खासकर जब वह किसी ऐतिहासिक शख्सियत से जुड़ी हो।
1100 करोड़ रुपये में जवाहरलाल नेहरू के पहले आधिकारिक बंगले की बिक्री न केवल भारत की अब तक की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी डील बन गई है, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया है कि लुटियंस दिल्ली की जमीन आज भी देश के सबसे अमीर और प्रभावशाली लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। यह सौदा केवल एक रियल एस्टेट लेनदेन नहीं, बल्कि इतिहास और विरासत की नई परिभाषा है।










