Jagdeep Dhankhar Pension: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को अब राजस्थान विधानसभा की ओर से पूर्व विधायक पेंशन और संबंधित सुविधाएं मिलेंगी। विधानसभा सचिवालय ने उनके आवेदन पर कार्रवाई करते हुए पेंशन उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे की तिथि से स्वीकृत कर दी है। अब उन्हें हर महीने लगभग ₹42,000 की राशि बतौर पेंशन दी जाएगी।

उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद मिला लाभ
धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में उन्होंने पूर्व विधायक पेंशन के लिए आवेदन किया था। विधानसभा सचिवालय ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर अब पेंशन मंजूर कर दी है।

राज्यपाल बनने पर बंद हो गई थी पेंशन
जगदीप धनखड़ को इससे पहले 1993 से 1998 तक किशनगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक रहने के आधार पर पेंशन मिल रही थी। लेकिन जुलाई 2019 में पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त होने के बाद यह सुविधा बंद कर दी गई थी, क्योंकि संवैधानिक पद ग्रहण करने पर पेंशन रोकी जाती है।
अब उपराष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद एक बार फिर उन्हें पूर्व विधायक के तौर पर मिलने वाली पेंशन और सुविधाएं बहाल कर दी गई हैं।
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर
1989: जनता दल के टिकट पर झुंझुनू से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
1990: प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार में संसदीय कार्य राज्य मंत्री नियुक्त हुए।
1993–1998: कांग्रेस विधायक के रूप में राजस्थान विधानसभा में किशनगढ़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
2019: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नियुक्त हुए।
2022: एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीता।
2025: स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया।
किशनगढ़ चुनाव में मिला था भारी समर्थन
धनखड़ ने 1993 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में किशनगढ़ सीट से जीत दर्ज की थी। उन्हें 41,444 वोट मिले थे जबकि निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के जगजीत सिंह को 39,486 वोट प्राप्त हुए थे। वे करीब 1,958 वोटों से विजयी हुए थे।
वकालत से राजनीति तक का सफर
जगदीप धनखड़ ने 1979 में राजस्थान बार काउंसिल में पंजीकरण कर वकालत शुरू की थी। बाद में उन्हें 1990 में राजस्थान हाई कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर मान्यता दी। इसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और कई महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर आसीन रहे।
राजस्थान विधानसभा की ओर से पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पूर्व विधायक पेंशन मिलना राज्य की प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उनका राजनीतिक एवं संवैधानिक जीवन प्रेरणादायक रहा है, और अब यह पेंशन उन्हें एक पूर्व जनप्रतिनिधि के रूप में मान्यता और सुविधा प्रदान करती है।










