Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 3 काम, वरना लग सकता है त्रिदोष और रुक सकती है संतान प्राप्ति

Pitru Paksha 2025 : हिंदू पंचांग के अनुसार पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) 2025 में विशेष धार्मिक महत्व का समय है, जो पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति और आशीर्वाद के लिए समर्पित होता है। इस दौरान लोग श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य के माध्यम से पितरों को स्मरण करते हैं। लेकिन अगर इस पवित्र समय में कुछ खास गलतियां हो जाएं, तो इसका परिणाम बेहद गंभीर हो सकता है खासकर संतान प्राप्ति में बाधा और त्रिदोष जैसे दुष्प्रभाव के रूप में।

ads

त्रिदोष क्या है?

त्रिदोष का अर्थ है तीन प्रकार के ऋण — देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण।

ads

देव ऋण: देवताओं और प्रकृति के प्रति कर्तव्य।

ऋषि ऋण: ज्ञान और संस्कृति देने वाले ऋषियों के प्रति।

पितृ ऋण: पूर्वजों के प्रति आभार और स्मरण।

शास्त्रों में कहा गया है कि यदि व्यक्ति इन ऋणों को नहीं चुकाता या पितरों की उपेक्षा करता है, तो उसे त्रिदोष लगता है, जिससे जीवन में अनेक बाधाएं उत्पन्न होती हैं — विशेष रूप से संतान सुख में।

पितृपक्ष में ये 3 कार्य बिल्कुल न करें

1. मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, गृहप्रवेश आदि से बचें

पितृपक्ष को शोककाल और पूर्वजों के स्मरण का समय माना गया है। इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है।
क्यों न करें?
ऐसे कार्यों से पितृ असंतुष्ट होते हैं और वंशवृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

2. नमक, तेल और झाड़ू न खरीदें

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन वस्तुओं का क्रय-विक्रय इस समय वर्जित है।

क्यों न करें?

नमक: घर में कलह का कारण बनता है

तेल: रोग और आर्थिक तंगी का संकेत

झाड़ू: दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को बुलावा

इनका लेन-देन पितृ दोष को बढ़ाता है, जिससे संतान प्राप्ति में रुकावट आ सकती है।

3. मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें

श्राद्ध पक्ष में सात्त्विक आहार और संयमित जीवनशैली का पालन अत्यंत आवश्यक है।

क्यों न करें?

तामसिक भोजन पितरों का अनादर माना जाता है और इससे उनकी आत्मा को कष्ट होता है। इससे संतान सुख में बाधा और पारिवारिक अशांति जन्म ले सकती है।

संतान प्राप्ति में त्रिदोष की भूमिका

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, संतान न केवल वंश बढ़ाने वाली होती है, बल्कि पितरों के मोक्ष का मार्ग भी। यदि पितृ नाराज हो जाएं तो संतान प्राप्ति में रुकावट आना स्वाभाविक है। पितृपक्ष में नियमों का पालन न करना त्रिदोष को जन्म देता है, जिससे पितृ आशीर्वाद की जगह कष्ट देने लगते हैं।

Read More: SpiceJet Flight News: स्पाइसजेट विमान का उड़ान के दौरान टूटा पहिया, मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद राहत की सांस

Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.