Congo Boat Accident: अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के उत्तर-पश्चिमी इक्वेटर प्रांत में इस सप्ताह दो अलग-अलग भीषण नाव हादसों में कम से कम 193 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इन हादसों से पूरे देश में शोक और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सरकार पर लापरवाही और खराब बचाव व्यवस्था के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पहली दुर्घटना: छात्रों से भरी नाव पलटी, 86 की मौत
पहली घटना बुधवार को बासांकुसु इलाके में हुई, जहां एक मोटरबोट रात के समय यात्रा करते हुए पलट गई। इस हादसे में अब तक 86 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें अधिकांश छात्र थे। सरकारी मीडिया ने बताया कि इस हादसे की प्रमुख वजह गलत तरीके से लोडिंग और रात में नौवहन रही। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोग लापता हैं, लेकिन संख्या काफी अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

दूसरी दुर्घटना: व्हेलबोट में लगी आग, 107 लोगों की मौत
दूसरी दर्दनाक दुर्घटना गुरुवार शाम को लुकोलेला इलाके के मलंगे गांव के पास कांगो नदी में हुई। एक व्हेलबोट में अचानक आग लग गई, जिसके बाद वह पलट गई। इस नाव में लगभग 500 यात्री सवार थे। कांगो सरकार के मुताबिक, अब तक 209 लोगों को बचाया गया है, जबकि 107 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है।
हादसों की मुख्य वजह: ओवरलोडिंग और रात की यात्रा
दोनों घटनाओं के बाद शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि नावों में ओवरलोडिंग और रात में यात्रा जैसी लापरवाहियों की वजह से हादसे हुए। कांगो में नावों की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में रही है। सरकारी नियमों की अनदेखी, प्रशिक्षित स्टाफ की कमी और आपात स्थिति में बचाव संसाधनों की अनुपलब्धता जैसी समस्याएं आम हैं।
स्थानीय लोगों में गुस्सा, सरकार पर लापरवाही के आरोप
इन हादसों के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में मौतें होने के बावजूद भी सरकारी एजेंसियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में हैं। सोशल मीडिया पर भी #CongoBoatTragedy ट्रेंड कर रहा है और लोग सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
अब तक क्या कदम उठाए गए?
सरकारी मीडिया और पुलिस के अनुसार, हादसों की जांच शुरू कर दी गई है। राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सेना की मदद भी ली जा रही है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों की खराब कनेक्टिविटी और सीमित संसाधनों के चलते बचाव कार्य में काफी चुनौतियां आ रही हैं।
इक्वेटर प्रांत में हुए इन नाव हादसों ने एक बार फिर कांगो में नाव सुरक्षा, जल परिवहन नियमों और सरकारी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जरूरत है कि सरकार इस घटना को चेतावनी के रूप में लेकर जल्द से जल्द सख्त कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचा जा सके।










