Baloch Liberation Army: UN में अमेरिका ने नकारी पाक-चीन की मांग, बालोच लिबरेशन आर्मी को नहीं मिली “आतंकी” की मान्यता

Baloch Liberation Army: पाकिस्तान और चीन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बड़ा झटका लगा है। बालोचिस्तान की आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाली बालोच लिबरेशन आर्मी (BLA) को आतंकी संगठन घोषित करने की पाकिस्तान और चीन की साझा कोशिश अमेरिका ने अस्वीकार कर दी है। इसके साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने इस प्रस्ताव का विरोध कर सुरक्षा परिषद में इसे खारिज करवा दिया। क्या था मामला? पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद में आग्रह किया था कि BLA और उसकी आत्मघाती इकाई माजिद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित किया जाए। पाक का दावा था कि BLA अफगानिस्तान की मदद से करीब 60 आतंकी शिविर चला रहा है और पाकिस्तान में सीमा पार से आतंक फैला रहा है। चीन ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने इस पर वीटो लगा दिया। उनका तर्क था कि BLA को आतंकी घोषित करने के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं हैं। अमेरिका का दोहरा रवैया? चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग एक महीने पहले ही अमेरिका ने BLA को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। ट्रंप प्रशासन ने माजिद ब्रिगेड को भी आतंकी सूची में डाला था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अमेरिका ने सुरक्षा परिषद में उस फैसले के विपरीत रुख क्यों अपनाया? विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह फैसला राजनयिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश है। एक ओर अमेरिका पाकिस्तान को आतंकवाद पर सहयोग के लिए दबाव में रखना चाहता है, वहीं भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों को देखते हुए वह पाकिस्तान की हर बात मानने को तैयार नहीं है। ट्रंप की कूटनीति पर उठे सवाल बदलते घटनाक्रमों के बीच अब ट्रंप प्रशासन की नीति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर उन्होंने पाकिस्तान को खुश करने के लिए BLA को आतंकी करार दिया, दूसरी ओर UN में पाक के समर्थन से इंकार कर दिया। क्या ट्रंप अब पाकिस्तान से दूरी बना रहे हैं? गौरतलब है कि इसी महीने के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात होनी है। यह बैठक 25 सितंबर को UN महासभा की सत्रावधि के दौरान प्रस्तावित है। ऐसे में देखना होगा कि क्या ट्रंप BLA को लेकर अपना रुख एक बार फिर बदलते हैं या नहीं।पाकिस्तान और चीन को संयुक्त राष्ट्र में एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की ओर से BLA को लेकर अपनाया गया विरोधाभासी रुख आने वाले समय में दक्षिण एशिया की कूटनीति को और जटिल बना सकता है। भारत के लिए यह एक सकारात्मक संकेत हो सकता है, वहीं पाकिस्तान के लिए यह एक और कूटनीतिक पराजय मानी जा रही है। Read More: Kangana Attacks Rahul: कंगना रनोट का राहुल गांधी पर तीखा वार, अस्थिरता और आतंक की साजिशों का लगाया आरोप

Baloch Liberation Army: पाकिस्तान और चीन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बड़ा झटका लगा है। बालोचिस्तान की आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाली बालोच लिबरेशन आर्मी (BLA) को आतंकी संगठन घोषित करने की पाकिस्तान और चीन की साझा कोशिश अमेरिका ने अस्वीकार कर दी है। इसके साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने इस प्रस्ताव का विरोध कर सुरक्षा परिषद में इसे खारिज करवा दिया।

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क्या था मामला?

पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद में आग्रह किया था कि BLA और उसकी आत्मघाती इकाई माजिद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित किया जाए। पाक का दावा था कि BLA अफगानिस्तान की मदद से करीब 60 आतंकी शिविर चला रहा है और पाकिस्तान में सीमा पार से आतंक फैला रहा है। चीन ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने इस पर वीटो लगा दिया। उनका तर्क था कि BLA को आतंकी घोषित करने के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं हैं।

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अमेरिका का दोहरा रवैया?

चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग एक महीने पहले ही अमेरिका ने BLA को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। ट्रंप प्रशासन ने माजिद ब्रिगेड को भी आतंकी सूची में डाला था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अमेरिका ने सुरक्षा परिषद में उस फैसले के विपरीत रुख क्यों अपनाया?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह फैसला राजनयिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश है। एक ओर अमेरिका पाकिस्तान को आतंकवाद पर सहयोग के लिए दबाव में रखना चाहता है, वहीं भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों को देखते हुए वह पाकिस्तान की हर बात मानने को तैयार नहीं है।

ट्रंप की कूटनीति पर उठे सवाल

बदलते घटनाक्रमों के बीच अब ट्रंप प्रशासन की नीति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर उन्होंने पाकिस्तान को खुश करने के लिए BLA को आतंकी करार दिया, दूसरी ओर UN में पाक के समर्थन से इंकार कर दिया। क्या ट्रंप अब पाकिस्तान से दूरी बना रहे हैं?

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गौरतलब है कि इसी महीने के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात होनी है। यह बैठक 25 सितंबर को UN महासभा की सत्रावधि के दौरान प्रस्तावित है। ऐसे में देखना होगा कि क्या ट्रंप BLA को लेकर अपना रुख एक बार फिर बदलते हैं या नहीं।पाकिस्तान और चीन को संयुक्त राष्ट्र में एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की ओर से BLA को लेकर अपनाया गया विरोधाभासी रुख आने वाले समय में दक्षिण एशिया की कूटनीति को और जटिल बना सकता है। भारत के लिए यह एक सकारात्मक संकेत हो सकता है, वहीं पाकिस्तान के लिए यह एक और कूटनीतिक पराजय मानी जा रही है।

Read More: Kangana Attacks Rahul: कंगना रनोट का राहुल गांधी पर तीखा वार, अस्थिरता और आतंक की साजिशों का लगाया आरोप

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