Smriti Mandhana Fastest Century: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले में इतिहास रच दिया है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे इस निर्णायक मुकाबले में मंधाना ने सिर्फ 50 गेंदों में शतक ठोककर महिला वनडे क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज़ शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस शतक के साथ ही वह भारत की ओर से वनडे फॉर्मेट में सबसे तेज़ सेंचुरी बनाने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ा
इससे पहले इसी मैच में ऑस्ट्रेलिया की एक बल्लेबाज ने 57 गेंदों में शतक लगाकर तेज़ शतक का रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन स्मृति मंधाना ने कुछ ही घंटों के भीतर उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया और नया इतिहास रच दिया। मंधाना की इस तूफानी पारी ने न केवल मैच का रुख बदला, बल्कि उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक ओपनर्स की लिस्ट में और ऊंचा स्थान दिला दिया।

स्मृति मंधाना की रिकॉर्डतोड़ पारी
मंधाना ने अपनी सेंचुरी के दौरान मैदान के चारों ओर शानदार शॉट्स लगाए। उनके शतक में 18 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 200 से भी ऊपर रहा, जो दर्शाता है कि उन्होंने किस आक्रामकता के साथ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उनकी पारी ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मैचों की खिलाड़ी हैं और दबाव में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने में सक्षम हैं।
टीम इंडिया की उम्मीदों की नई किरण
ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को एक मजबूत शुरुआत की जरूरत थी, और मंधाना ने उसी की जिम्मेदारी उठाई। उनके इस तेज़ शतक ने टीम इंडिया को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह न सिर्फ रन बना रही थीं, बल्कि दूसरे छोर पर खेल रही हरमनप्रीत कौर को भी आत्मविश्वास से भर रही थीं।
महिला क्रिकेट में नया अध्याय
स्मृति मंधाना की यह सेंचुरी भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास के गौरवपूर्ण पलों में से एक बन गई है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि महिला क्रिकेट में भी अब तेज़ और आक्रामक बल्लेबाजी का युग आ गया है।
स्मृति मंधाना का यह शतक सिर्फ एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह दिखा दिया है कि भारतीय टीम किसी भी परिस्थिति में मुकाबला करने और इतिहास रचने की क्षमता रखती है। उनकी इस ऐतिहासिक पारी को लंबे समय तक याद किया जाएगा और यह आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत मिसाल बनेगी।










