Baltic Sea Tensions: बाल्टिक सागर क्षेत्र एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तनाव का केंद्र बन गया है। रूसी विमानों की नाटो एयरस्पेस में अनधिकृत घुसपैठ के बाद जर्मनी ने दो यूरोफाइटर जेट तैनात कर दिए हैं। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब नाटो और रूस के बीच रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। बिना अनुमति उड़ान, जर्मन वायुसेना ने दी प्रतिक्रिया जर्मन वायुसेना ने जानकारी दी है कि रूस का एक IL-20M टोही विमान बाल्टिक सागर के ऊपर बिना किसी पूर्व उड़ान योजना और रेडियो संपर्क के उड़ान भरता पाया गया। नाटो की त्वरित प्रतिक्रिया चेतावनी बल (QRA) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जर्मनी के दो यूरोफाइटर जेट्स को इंटरसेप्शन के लिए रवाना किया। जैसे ही रूसी विमान की पहचान हुई, उसे स्वीडन के नाटो सहयोगियों की निगरानी में सौंप दिया गया और जर्मन जेट वापस अपने बेस रोस्टॉक-लागे लौट आए। एस्टोनिया ने लगाया हवाई सीमा उल्लंघन का आरोप एस्टोनिया की राजधानी टालिन ने रूस पर उसके हवाई क्षेत्र का “अभूतपूर्व और बेशर्मी से” उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। एस्टोनिया के अनुसार, तीन रूसी मिग-31 लड़ाकू विमानों ने बिना अनुमति उसकी वायुसीमा में प्रवेश किया और लगभग 12 मिनट तक वहां रहे। इस पर नाटो और यूरोपीय सरकारों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे खतरनाक तथा लापरवाह उकसावे की संज्ञा दी है। नाटो अनुच्छेद 4 के तहत बुलाई गई आपात बैठक एस्टोनिया की प्रधानमंत्री क्रिस्टन माइकल ने नाटो के अनुच्छेद 4 के तहत आपात बैठक बुलाने का आह्वान किया है। अनुच्छेद 4 के तहत, किसी सदस्य देश को जब अपनी सुरक्षा या संप्रभुता पर खतरा महसूस होता है, तब वह अन्य सदस्य देशों के साथ तत्काल परामर्श की मांग कर सकता है। इस बैठक में रूस की हालिया गतिविधियों, खासकर एस्टोनिया की हवाई सीमा में कथित घुसपैठ, पर चर्चा होने की संभावना है। रूस ने किया आरोपों का खंडन रूस के रक्षा मंत्रालय ने एस्टोनिया के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। रूसी पक्ष का दावा है कि उनकी सभी उड़ानें अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के अनुसार ही होती हैं। हालांकि, पश्चिमी देशों ने रूस की इन हरकतों को जानबूझकर किया गया उकसावा करार दिया है। रूस और नाटो देशों के बीच यह नया घटनाक्रम न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है, बल्कि एक बड़े सैन्य टकराव की आशंका को भी जन्म दे रहा है। बाल्टिक सागर में बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सतर्कता दोनों की अहम भूमिका होगी। Read More: PoK India: ‘PoK खुद बोलेगा, मैं भी भारत हूं’: मोरक्को से राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, अमेरिका पर भी किया वार














