NAN scam 2025 : रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने किया ED कोर्ट में सरेंडर, 28 दिन की कस्टडी में भेजे गए

NAN scam 2025 : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में बड़ा मोड़ आया है। इस घोटाले के दो प्रमुख आरोपी, रिटायर्ड IAS अधिकारी आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने आखिरकार रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 4 सप्ताह (28 दिन) की ED कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। अब उनसे 16 अक्टूबर तक दिल्ली स्थित ईडी हेड ऑफिस में पूछताछ की जाएगी। 5 दिन से कर रहे थे सरेंडर की कोशिश पिछले पांच दिनों से दोनों अधिकारी कोर्ट के चक्कर काट रहे थे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजी अड़चनों के चलते सरेंडर नहीं हो सका था। आलोक शुक्ला सोमवार को तीसरी बार कोर्ट पहुंचे, जहां ED अधिकारियों की मौजूदगी में सरेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई। कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर CRPF जवानों की तैनाती की गई थी। सरेंडर के बाद ED की टीम दोनों आरोपियों को लेकर रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हो गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली ED को कस्टडी इससे पहले, हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को अग्रिम जमानत दे दी थी, लेकिन ED ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए, आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा की अग्रिम जमानत रद्द कर दी। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया कि दोनों को पहले 4 हफ्ते ED की हिरासत में रहना होगा, इसके बाद ही जमानत पर विचार होगा। कोर्ट में देरी क्यों हुई? 18 सितंबर को शुक्ला सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर अपलोड न होने के कारण कोर्ट ने सरेंडर से इनकार कर दिया। 19 सितंबर को फिर कोर्ट पहुंचे, लेकिन इस बार ED के वकील केस डायरी नहीं लाए थे, जिससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। क्या है नान घोटाला? 2015 में सामने आया यह घोटाला छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) में हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़ा है। ED का आरोप है कि शुक्ला और टुटेजा ने इस घोटाले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। मामले में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के आरोप हैं और ED की जांच अब भी जारी है।अब दोनों आरोपियों से दिल्ली स्थित ED मुख्यालय में गहन पूछताछ की जाएगी। इस दौरान ED घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, दस्तावेज और संभावित साझेदारों की जानकारी जुटाएगी। 16 अक्टूबर के बाद ही दोनों की जमानत को लेकर कोई फैसला हो सकेगा।छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा की ED कस्टडी से यह साफ हो गया है कि जांच एजेंसी इस मामले में किसी भी स्तर पर सख्ती बरतने को तैयार है। आगामी पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। Read More: Chaitanya Baghel Bail Rejected: पूर्व CM के बेटे चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, EOW ने गिरफ्तारी की तैयारी तेज की

NAN scam 2025 : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में बड़ा मोड़ आया है। इस घोटाले के दो प्रमुख आरोपी, रिटायर्ड IAS अधिकारी आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने आखिरकार रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 4 सप्ताह (28 दिन) की ED कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। अब उनसे 16 अक्टूबर तक दिल्ली स्थित ईडी हेड ऑफिस में पूछताछ की जाएगी।

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5 दिन से कर रहे थे सरेंडर की कोशिश

पिछले पांच दिनों से दोनों अधिकारी कोर्ट के चक्कर काट रहे थे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजी अड़चनों के चलते सरेंडर नहीं हो सका था। आलोक शुक्ला सोमवार को तीसरी बार कोर्ट पहुंचे, जहां ED अधिकारियों की मौजूदगी में सरेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई। कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर CRPF जवानों की तैनाती की गई थी। सरेंडर के बाद ED की टीम दोनों आरोपियों को लेकर रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हो गई।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली ED को कस्टडी

इससे पहले, हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को अग्रिम जमानत दे दी थी, लेकिन ED ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए, आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा की अग्रिम जमानत रद्द कर दी। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया कि दोनों को पहले 4 हफ्ते ED की हिरासत में रहना होगा, इसके बाद ही जमानत पर विचार होगा।

कोर्ट में देरी क्यों हुई?

18 सितंबर को शुक्ला सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर अपलोड न होने के कारण कोर्ट ने सरेंडर से इनकार कर दिया। 19 सितंबर को फिर कोर्ट पहुंचे, लेकिन इस बार ED के वकील केस डायरी नहीं लाए थे, जिससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

क्या है नान घोटाला?

2015 में सामने आया यह घोटाला छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) में हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़ा है। ED का आरोप है कि शुक्ला और टुटेजा ने इस घोटाले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। मामले में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के आरोप हैं और ED की जांच अब भी जारी है।अब दोनों आरोपियों से दिल्ली स्थित ED मुख्यालय में गहन पूछताछ की जाएगी। इस दौरान ED घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, दस्तावेज और संभावित साझेदारों की जानकारी जुटाएगी। 16 अक्टूबर के बाद ही दोनों की जमानत को लेकर कोई फैसला हो सकेगा।छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा की ED कस्टडी से यह साफ हो गया है कि जांच एजेंसी इस मामले में किसी भी स्तर पर सख्ती बरतने को तैयार है। आगामी पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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Read More: Chaitanya Baghel Bail Rejected: पूर्व CM के बेटे चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, EOW ने गिरफ्तारी की तैयारी तेज की

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