Gaza ceasefire deadline: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल और हमास के बीच दो साल से चल रहे खूनी संघर्ष को समाप्त करने के लिए 20 सूत्रीय शांति योजना पेश की है। ट्रंप ने साफ शब्दों में हमास को 3-4 दिनों का समय दिया है ताकि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमास इस प्रस्ताव को नहीं मानता, तो इसके परिणाम बेहद दर्दनाक होंगे। “सभी पक्ष तैयार, सिर्फ हमास की मुहर बाकी”: ट्रंप राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “सभी अरब और मुस्लिम देश इस शांति योजना पर सहमत हैं। इसराइल भी इसे स्वीकार कर चुका है। अब बस हमास का जवाब बाकी है। अगर वे इसे मानते हैं तो अच्छा, नहीं मानते तो फिर इसके गंभीर परिणाम होंगे।” ट्रंप ने इस प्रस्ताव को “अंतिम मौका” बताया है और कहा कि इस युद्ध को अब खत्म होना ही होगा। उन्होंने इसे एक “ऐतिहासिक अवसर” बताया है जिसे गंवाना पूरे क्षेत्र के लिए भारी पड़ सकता है। ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना की मुख्य बातें: गाज़ा में तुरंत युद्धविराम हमास द्वारा 72 घंटे में सभी बंधकों की रिहाई फिलिस्तीनियों का जबरन विस्थापन रोका जाएगा गाज़ा के पुनर्निर्माण के लिए बहुपक्षीय सहायता योजना दीर्घकालिक शांति के लिए इसराइल-फिलिस्तीन बातचीत की पहल यह प्रस्ताव ट्रंप और इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच 29 सितंबर 2025 को हुई बैठक के बाद सार्वजनिक किया गया। हमास में मंथन जारी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास ने अपनी राजनीतिक और सैन्य इकाइयों के साथ भीतरूनी चर्चाएं शुरू कर दी हैं। एक वरिष्ठ फिलिस्तीनी अधिकारी ने कहा, “मामला बेहद जटिल है और इन चर्चाओं को पूरा होने में कुछ दिन लग सकते हैं।” हालांकि, सूत्रों का कहना है कि हमास के कुछ गुट इस योजना को एक संभावित समाधान मानते हैं, लेकिन अन्य गुट इसे “एकतरफा दबाव” के रूप में देख रहे हैं। वैश्विक समर्थन से ट्रंप को मजबूती ट्रंप की इस शांति योजना को भारत, चीन और रूस सहित कई वैश्विक शक्तियों ने भी समर्थन दिया है। इसके अलावा, जॉर्डन, कतर, सऊदी अरब, यूएई, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे आठ प्रमुख मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है। संयुक्त बयान में कहा गया, “हम राष्ट्रपति ट्रंप की पहल का स्वागत करते हैं, जो गाज़ा में युद्ध को रोकने, पुनर्निर्माण की शुरुआत करने और क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए अहम कदम हो सकता है।”डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम हमास पर अभूतपूर्व दबाव बनाता है। अगर हमास इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है तो यह मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। लेकिन अगर वह इनकार करता है, तो गाज़ा को और भी भयावह हालात का सामना करना पड़ सकता है। Read More: Indian Cinemas Most Prolific : 25 सालों में IMDB पर सबसे ज्यादा शाहरुख खान का राज , अमिताभ-आमिर को भी छोड़ा पीछे
















