Raigarh double murder: रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम रायकेरा में दशहरे की रात हुई दोहरे हत्याकांड का रहस्य पुलिस ने महज 24 घंटों के अंदर सुलझा लिया है। इस जघन्य अपराध से पूरा गांव दहशत में था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने तत्परता और कुशलता से इस मामले का पर्दाफाश किया। आरोपी मृतक के बेटे रविशंकर सिदार और उसके सहयोगी रामप्रसाद सिदार हैं, जिनका गिरफ्तार होना इस केस की सबसे बड़ी कहानी बन गया है। घटना का विवरण 3 अक्टूबर को कोटवार सकिर्तन राठिया ने पुलिस को सूचना दी कि ग्राम रायकेरा के घुराउ राम सिदार (60 वर्ष) और उनकी सास सुकमेत सिदार (70 वर्ष) के शव उनके घर की परछी में पड़े हुए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि दोनों की मौत गला दबाने और सिर पर चोट लगने से हुई है। जांच में बड़ा खुलासा पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मृतक के बेटे रविशंकर और उसके रिश्तेदार रामप्रसाद को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या की योजना और इसके पीछे की वजह स्वीकार कर ली। यह हत्या जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की रकम को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद का परिणाम थी। जमीन मुआवजे का विवाद बना वजह जांच के अनुसार, एनटीपीसी से प्राप्त मुआवजा राशि के बंटवारे को लेकर मृतक घुराउ राम और आरोपी रामप्रसाद के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। कई बार विवाद के बावजूद मामला सुलझ नहीं पाया। इसी तनाव और रंजिश ने 2 अक्टूबर की शाम हत्या की साजिश को जन्म दिया। रविशंकर ने अपने पिता का गला रस्सी से दबाकर हत्या कर दी। जब उनकी सास सुकमेत ने इस कृत्य का विरोध किया, तो दोनों आरोपियों ने मिलकर उसकी भी हत्या कर दी। आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद पुलिस ने आरोपीयों की निशानदेही पर हत्या में उपयोग की गई रस्सी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी ने बताया कि यह एक योजनाबद्ध हत्या थी, जिसका कारण पारिवारिक विवाद था। गांव में फैली दहशत और चिंता इस खौफनाक घटना ने रायकेरा गांव में सन्नाटा और भय का माहौल बना दिया है। लोग अभी भी इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि कैसे जमीन के मुआवजे को लेकर चल रहे विवाद ने एक बेटे को अपने ही पिता और दादी का हत्यारा बना दिया।रायगढ़ के इस दोहरे हत्याकांड ने परिवार में संपत्ति विवाद के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक चेतावनी है कि पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए समय पर उचित कदम उठाना आवश्यक है, ताकि ऐसी悲惨 घटनाओं को रोका जा सके। Read More : First NH tunnel Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ को मिली पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग, सिर्फ 12 महीनों में हुआ 2.79KM लंबी टनल का निर्माण














