Bihar SIR Case: बिहार में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) के तहत फाइनल वोटर लिस्ट से लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया है कि जिन लोगों का नाम फाइनल वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, वे स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी (SLSA) की मदद से अपील कर सकते हैं। क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान सवाल किया कि जब लीगल सर्विस अथॉरिटी जैसी संस्थाएं मौजूद हैं, तब लोग सीधे याचिकाकर्ताओं के पास क्यों जा रहे हैं? अदालत ने निर्देश दिया कि वोटर लिस्ट से नाम कटने पर अपील करने वाले लोगों की मदद लीगल सर्विस अथॉरिटी के वॉलंटियर करेंगे। साथ ही, कोर्ट ने आदेश दिया कि SLSA एक सप्ताह के भीतर इस प्रक्रिया की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। चुनाव आयोग और याचिकाकर्ताओं के बीच तकरार सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के हलफनामे में दी गई जानकारी को गलत बताया। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता यह आरोप लगा रहे हैं कि ड्राफ्ट लिस्ट में जिन लोगों के नाम थे, वे फाइनल लिस्ट से हटा दिए गए, और उन्हें इसके पीछे का कारण भी नहीं बताया गया। द्विवेदी ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि हलफनामे में जिन व्यक्ति का ज़िक्र किया गया है, उसने एन्युमरेशन फॉर्म ही नहीं भरा था, और उसका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में था ही नहीं। अपील के लिए सिर्फ 5 दिन चुनाव आयोग की तरफ से कोर्ट से यह भी अनुरोध किया गया कि नाम कटने पर अपील करने के लिए सिर्फ 5 दिन का समय दिया जाए। आयोग का कहना है कि एक बार समय सीमा खत्म होने के बाद कोई और अपील का मौका न दिया जाए, जिससे प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी न हो। 3.66 लाख मतदाता सूची से बाहर चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि 3.66 लाख लोगों के नाम फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं हैं। आयोग का यह भी दावा है कि सभी प्रभावित मतदाताओं को नाम हटाने का कारण बता दिया गया है। वहीं, याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कई लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं दी गई और उनकी बिना सूचना के नागरिकता व मतदाता अधिकारों पर चोट की गई है।बिहार SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश प्रभावित मतदाताओं के लिए राहत भरा है। लीगल सर्विस अथॉरिटी के माध्यम से न्याय तक पहुंच आसान होगी और यह सुनिश्चित करेगा कि किसी का नाम गलत तरीके से न हटे और यदि हटा भी हो तो उसे पुनः शामिल कराने का न्यायिक अवसर मिले। Read More: Bihar 2025 Elections : तेजस्वी के ‘हर घर नौकरी’ वादे को कांग्रेस का समर्थन, पवन खेड़ा ने कहा- जनता का भरोसा बढ़ा














