Diwali 2025: इस साल दिवाली 2025 को लेकर लोगों में तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। कोई 20 अक्टूबर को दिवाली मना रहा है तो कोई 21 अक्टूबर को। इस संशय को लेकर अब उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों हरिद्वार और ऋषिकेश के पंडितों और ज्योतिषाचार्यों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि इस बार दिवाली 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार को ही मनाई जाएगी, जो धार्मिक रूप से सर्वश्रेष्ठ और शुभ फल देने वाली रहेगी।

ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार 21 अक्टूबर को अमावस्या
हरिद्वार के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य मनोज त्रिपाठी ने बताया कि 20 और 21 अक्टूबर दोनों दिन अमावस्या तिथि है, लेकिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक 3/4 पहर अमावस्या 21 अक्टूबर को पड़ रही है। इसलिए 21 अक्टूबर को दीपावली पूजन करना शास्त्रसम्मत और श्रेष्ठ रहेगा।

ऋषिकेश के पंडितों ने भी दी पुष्टि
ऋषिकेश त्रिवेणी संगम के तीर्थपुरोहित पंडित वेदप्रकाश ने भी कहा कि पंचांगों की गणना और धार्मिक परंपराओं के अनुसार 21 अक्टूबर को ही दीपावली का पूजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि धर्म, आस्था और आध्यात्म का महापर्व है। ऐसे में इसे उचित मुहूर्त पर करना जरूरी होता है।
पांच दिवसीय पर्वों की तारीखें तय
हरिद्वार के पंडित गोपाल पटवार ने बताया कि दिवाली एक पंच पर्व श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें:
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19 अक्टूबर – धनतेरस
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20 अक्टूबर – नरक चतुर्दशी
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21 अक्टूबर – दीपावली
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22 अक्टूबर – गोवर्धन पूजा
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23 अक्टूबर – भाई दूज
इन पांचों पर्वों की तिथियां सर्वसम्मत रूप से मान्य हैं।
दिवाली पूजन की सही विधि
पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार, दिवाली की रात सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें। इसके बाद माता लक्ष्मी, कुबेर देव, और कलम-दवात का पूजन करें। यह दिन व्यापारियों और गृहस्थों दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। पूजन के लिए मिट्टी या चांदी की लक्ष्मी-गणेश मूर्ति का उपयोग करें।
शुभ योग बना रहा है इस बार
इस बार दिवाली पर अमावस्या और मंगल का शुभ योग बन रहा है। ऐसे योग में धन, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति के प्रबल संकेत होते हैं। हरिद्वार के पंडित उज्जवल शर्मा ने बताया कि भले ही इस बार प्रदोष काल थोड़ा सीमित है, लेकिन पूजन के लिए 2.24 घंटे का श्रेष्ठ समय उपलब्ध है, जो काफी फलदायी है।सभी धार्मिक गणनाओं और तीर्थ पुरोहितों की राय से स्पष्ट है कि इस बार दिवाली 21 अक्टूबर 2025 को ही मनाई जाएगी। इसलिए लोग उसी दिन लक्ष्मी पूजन, दीप सज्जा और धन-संपत्ति की कामना के साथ पूजा करें। ग्रह-नक्षत्रों का संयोग इस वर्ष की दिवाली को और भी शुभ और सौभाग्यशाली बना रहा है।










