CG NHM Salary Hike : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब स्थित इनडोर स्टेडियम में ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन’ (NHM) कर्मचारी संघ के तत्वावधान में एक विशाल और भव्य प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। महासम्मेलन के दौरान स्वास्थ्य विभाग के संविदा और नियमित कर्मचारियों को सरकार की तरफ से कई अभूतपूर्व और बड़ी सौगातें मिलीं। मंच से कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी वर्षों से लंबित पड़ी संवेदनशील मांगों पर अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन फैसलों में मुख्य रूप से मासिक वेतन में भारी बढ़ोतरी, ग्रेड पे विसंगति दूर करने के लिए विशेष पहल, आकस्मिक व मेडिकल अवकाश में वृद्धि, एक सुदृढ़ ट्रांसफर नीति और एक मजबूत जीवन बीमा कवर की योजनाएं शामिल हैं।

ग्रेड पे की विसंगतियों को दूर करने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन
महासम्मेलन में कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही ग्रेड पे संबंधी तकनीकी मांगों के स्थाई और न्यायोचित समाधान के लिए शासन स्तर पर एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति (कमेटी) का गठन कर दिया गया है। यह नवनिर्मित समिति कर्मचारियों की सभी जायज मांगों, उनके कार्यक्षेत्र की विसंगतियों और वित्तीय आवश्यकताओं का गहनता से अध्ययन करेगी और अपनी विस्तृत सिफारिशी रिपोर्ट जल्द से जल्द राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके अतिरिक्त, विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से वार्षिक कार्य मूल्यांकन (अपे्रजल) प्रक्रिया में ‘दावा-आपत्ति’ का एक नया कानूनी प्रावधान भी लागू किया गया है, जिसके माध्यम से किसी भी भेदभाव की स्थिति में कर्मचारियों को अपना मजबूत पक्ष रखने का पूरा हक मिलेगा।

लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि को मिली मंजूरी, हजारों परिवारों को मिलेगी राहत
इस प्रांतीय महासम्मेलन के दौरान एनएचएम कर्मचारियों के लिए जो सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित घोषणा हुई, वह उनके रुके हुए मानदेय और वेतन संशोधन को लेकर थी। स्वास्थ्य मंत्री ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि कर्मचारियों की सबसे मुख्य और लंबे समय से अधर में लटकी 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि (सैलरी हाइक) की मांग को कैबिनेट की हरी झंडी के बाद अब पूरी तरह से लागू किया जा रहा है। सरकार के इस कल्याणकारी और वित्तीय फैसले से समूचे छत्तीसगढ़ प्रदेश में कार्यरत हजारों एनएचएम स्वास्थ्य कर्मियों को तत्काल रूप से सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इस ऐतिहासिक वेतन वृद्धि से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे कोरोना वॉरियर्स और स्वास्थ्य दाताओं का मनोबल भी काफी ऊंचा होगा।
स्वास्थ्य कर्मियों के लिए लागू होगी पारदर्शी ट्रांसफर नीति और 30 दिनों का मेडिकल लीव
कर्मचारियों की कार्यकुशलता और मानसिक तनाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने उनके अवकाश नियमों और कार्यस्थल प्रबंधन में भी व्यापक बदलाव किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंच से घोषणा की कि अब एनएचएम के सभी संविदा और नियमित कर्मचारियों के वार्षिक मेडिकल अवकाश (चिकित्सा छुट्टी) की सीमा को पूर्व निर्धारित दिनों से बढ़ाकर पूरे 30 दिन (एक महीना) करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, राज्य भर के स्वास्थ्य कर्मियों की दशकों पुरानी और सबसे जटिल मांग को सहृदयता से स्वीकार करते हुए विभाग में एक नई और सर्वमान्य ट्रांसफर नीति (स्थानांतरण नीति) को भी लागू करने का ऐलान किया गया। इस नीति के आ जाने से अब दूर-दराज के नक्सल प्रभावित या ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों को अपनी गृह सीमाओं या सुगम स्थानों पर पूरी तरह से पारदर्शी, सुव्यवस्थित और भ्रष्टाचार मुक्त स्थानांतरण व्यवस्था का सीधा लाभ मिल सकेगा।
दुर्भाग्यपूर्ण निधन पर परिजनों को ₹1.40 करोड़ का बीमा कवर और बच्चों को उच्च शिक्षा सहायता
महासम्मेलन के अंतिम सत्र में स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को एक अभूतपूर्व सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान करने की अत्यंत भावुक घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब छत्तीसगढ़ के प्रत्येक एनएचएम कर्मचारी को एक वृहद और सर्वसमावेशी बीमा सुरक्षा के दायरे में पूरी तरह सुरक्षित कर दिया गया है।
सेवाकाल के दौरान यदि किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी का किसी दुर्घटना या बीमारी के कारण दुर्भाग्यपूर्ण निधन हो जाता है, तो संकट की उस घड़ी में सरकार द्वारा उसके पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ 40 लाख तक की भारी-भरकम वित्तीय सहायता राशि बीमा क्लेम के रूप में तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, ऐसे दिवंगत कर्मचारियों के अनाथ बच्चों के भविष्य को संवारने और उनकी उच्च व व्यावसायिक शिक्षा को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए प्रति बच्चा ₹5-5 लाख की विशेष आर्थिक स्कॉलरशिप या सहायता देने की भी पुख्ता कानूनी व्यवस्था की गई है।
पिछले वर्षों की तुलना में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ ढाई गुना सुधार
अपने मुख्य और प्रेरणादायी संबोधन को समाप्त करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सर्वोत्तम और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय आंकड़ों और दावों के आधार पर रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों के भीतर जमीनी स्तर पर किए गए बुनियादी ढांचागत सुधारों की बदौलत छत्तीसगढ़ की संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में करीब ढाई गुना (2.5 गुना) तक का ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं से गदगद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के ये सभी समर्पित कर्मचारी आने वाले समय में पूरी कर्मठता से काम करेंगे और प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को देश में नंबर वन बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।
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