One Nation One Ration Card : भारत सरकार देश के राशन वितरण तंत्र को पूरी तरह से डिजिटल और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इस क्रम में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए सरकार ने ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) योजना के दायरे को और अधिक व्यावहारिक बना दिया है। अब राशन कार्ड धारकों के लिए एक ही राशन दुकान से अनाज लेने की बाध्यता समाप्त हो गई है। इसका अर्थ यह है कि अब उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार अलग-अलग दुकानों से अनाज प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई नागरिक चाहे तो एक राशन दुकान से गेहूं और दूसरी दुकान से चावल ले सकता है। यह सुविधा आम जनता को अपनी जरूरत के अनुसार राशन चुनने की आजादी देती है।

लंबी कतारों और तकनीकी समस्याओं से मिलेगी बड़ी राहत
इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे राशन लेने वालों को होने वाली पुरानी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। अक्सर लोगों को राशन लेने के लिए लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था, या फिर मशीन में अंगूठा न लगने (बायोमेट्रिक विफलता) के कारण खाली हाथ लौटना पड़ता था। इसके अलावा, कई बार किसी दुकान पर अनाज का स्टॉक खत्म होने के कारण लाभार्थियों को पूरा राशन नहीं मिल पाता था। नई व्यवस्था के तहत, अब इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। यदि किसी एक दुकान पर अनाज उपलब्ध नहीं है या तकनीकी कारण से राशन नहीं मिल पा रहा है, तो लाभार्थी पास की किसी अन्य दुकान पर जाकर अपना हक का अनाज प्राप्त कर सकेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने इस सुविधा की जानकारी साझा करते हुए इसे जनता के लिए एक बड़ी राहत बताया है।

क्या है ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना और कैसे काम करती है?
केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के जरिए राशन वितरण को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना तकनीकी रूप से ‘एटीएम’ (ATM) की भांति कार्य करती है। जिस प्रकार एक बैंक खाता धारक देश के किसी भी एटीएम से अपनी जरूरत के अनुसार नकद निकासी कर सकता है, ठीक उसी प्रकार राशन कार्ड धारक देश के किसी भी कोने में स्थित सरकारी राशन की दुकान से अपना अनाज प्राप्त कर सकता है। यह व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल है और इसका लाभ देश के किसी भी राज्य या शहर में उठाया जा सकता है।
प्रवासी मजदूरों के लिए वरदान साबित होगी यह नई व्यवस्था
‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना का सबसे व्यापक और सकारात्मक प्रभाव उन लाखों प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों पर पड़ेगा जो रोजगार की तलाश में अपने गृह राज्यों को छोड़कर अन्य शहरों में पलायन करते हैं। पहले उन्हें राशन लेने के लिए बार-बार अपने गांव या मूल निवास स्थान पर जाना पड़ता था, जो उनके लिए काफी खर्चीला और समय लेने वाला होता था। अब उन्हें अपने गांव की राशन दुकान से बंधे रहने की जरूरत नहीं है। वे जहां भी काम कर रहे हैं, वहीं [Aadhaar Redacted] और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि प्रवासी आबादी को सामाजिक सुरक्षा का एक मजबूत कवच भी प्रदान करती है।











