Bulldozer Action : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सेंट पॉल स्कूल परिसर में प्रशासन ने आज एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया। स्कूल परिसर के भीतर सामुदायिक भवन के नाम पर किए जा रहे निर्माणाधीन ढांचे को प्रशासन ने बुलडोजर और जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी तनाव और गहमागहमी का माहौल रहा। प्रशासन की यह कार्यवाही उस समय हुई जब यह आरोप लगाए गए कि विद्यालय परिसर में स्वीकृत योजना के विपरीत कार्य किया जा रहा था। इस घटना के बाद से ही शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।

लीज समाप्ति और बिना अनुमति के निर्माण का आरोप
इस पूरे मामले की जड़ में ‘हिंदू स्वाभिमान संगठन’ द्वारा की गई शिकायत है। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष विश्वदिनी पांडेय का आरोप है कि सेंट पॉल स्कूल परिसर में जो भवन बनाया जा रहा था, वह वास्तव में एक चर्च था, न कि सामुदायिक भवन। संगठन का दावा है कि इस जमीन की लीज वर्ष 2022 में ही समाप्त हो चुकी थी। लीज अवधि समाप्त होने के बावजूद वहां निर्माण कार्य जारी रखना नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसके अलावा, संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस नए निर्माण के लिए स्थानीय नगर निगम या संबंधित प्रशासनिक विभागों से कोई अनिवार्य अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी।

भारी पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा घेरा
प्रशासनिक अमले की इस बड़ी कार्रवाई को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए मौके पर अपर कलेक्टर, एडीसीपी और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। कार्रवाई के दौरान स्कूल परिसर के आसपास जाने वाली सड़कों को एहतियात के तौर पर पूरी तरह बंद कर दिया गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी ने देखते ही देखते अवैध ढांचे को मलबे में तब्दील कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों को ताक पर रखकर किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।
विवाद की पृष्ठभूमि और संगठन का दावा
हिंदू स्वाभिमान संगठन का कहना है कि सेंट पॉल स्कूल एक शैक्षणिक संस्थान है, जिसका उपयोग केवल शिक्षा के उद्देश्यों के लिए होना चाहिए। संगठन का तर्क है कि शैक्षणिक परिसर में सामुदायिक भवन की आड़ में चर्च का निर्माण करना न केवल अवैध है, बल्कि यह स्थानीय नियमों का खुला उल्लंघन भी है। संगठन ने पूर्व में भी इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन किया था और शासन से शिकायत की थी। शासन द्वारा की गई जांच में आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है, और स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।










