पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब 2004 की पुरानी कॉल रिकॉर्ड और 238 घंटे लंबी बातचीत ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। सिया और उसके बॉयफ्रेंड की भूमिका को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिससे पूरा मामला फिर से चर्चा में आ गया है।
पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब 2004 की पुरानी कॉल रिकॉर्ड और 238 घंटे लंबी बातचीत ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। सिया और उसके बॉयफ्रेंड की भूमिका को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिससे पूरा मामला फिर से चर्चा में आ गया है।

Pune Murder Case : पुणे के लोहागढ़ किले में 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत का मामला एक ‘एक्सीडेंटल डेथ’ से शुरू होकर अब एक सोची-समझी हत्या की खौफनाक साजिश में बदल चुका है। पुलिस जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए महीनों पहले जाल बिछाना शुरू कर दिया था। नवंबर 2025 में शुरू हुआ यह गुप्त प्रेम प्रसंग इतना गहरा था कि सात महीनों में दोनों ने कुल 2,004 फोन कॉल किए, जिनकी कुल अवधि लगभग 238 घंटे रही। यह डेटा साबित करता है कि सगाई के बावजूद सिया पूरी तरह से अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर केतन के खात्मे की पटकथा लिख रही थी।

जांच के दौरान पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज ने इस हत्याकांड को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई। 18 जून को जब सिया केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई, तब चेतन चौधरी भी वहीं मौजूद था। वह केतन और सिया से महज 20 से 30 फीट की दूरी पर रहकर हर गतिविधि पर नजर रखे हुए था। अपनी पहचान छुपाने के लिए चेतन ने एक विशेष हुडी पहनी थी, जिससे उसका चेहरा पूरी तरह ढका हुआ था। वह लगातार केतन का पीछा कर रहा था ताकि सही मौका मिलते ही उसे गहरी खाई में धकेला जा सके। केतन के पिता ने भी दुख जताते हुए कहा कि सिया के परिवार ने अपने पुराने संबंधों का फायदा उठाकर और बेटी का अफेयर छुपाकर यह रिश्ता तय किया था।

हैरान करने वाली बात यह है कि 18 जून की घटना से पहले भी सिया ने केतन को मारने की कोशिश की थी। 14 जून को जब सिया ने केतन को धक्का दिया, तो वह झाड़ी पकड़कर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा था। उस वक्त शक से बचने के लिए सिया ने नकली सांप दिखने का नाटक किया और डर के मारे केतन को गले लगा लिया ताकि उसे अपनी साजिश पर रत्ती भर भी संदेह न हो। केस फाइलों से यह भी पता चला है कि अगर 18 जून का मिशन नाकाम हो जाता, तो उन्होंने 19 जून को सिया के जन्मदिन पर महाबलेश्वर में केतन को मारने के लिए ‘प्लान C’ भी तैयार रखा था।
इस केस में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब केतन की बहन ने घटना की सच्चाई जानना चाही। अंतिम संस्कार के बाद जब सिया सांत्वना देने पहुंची, तो बहन ने उससे घटना को लेकर विस्तार से सवाल पूछे। तीन अलग-अलग तारीखों (31 मई, 14 जून और 18 जून) पर ट्रेकिंग के दौरान सिया के बयानों में भारी विसंगति और टालमटोल ने बहन के मन में गहरा शक पैदा कर दिया। परिवार ने पुलिस को फिर से आगाह किया, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई। इसी फुटेज में एक संदिग्ध युवक (चेतन) की हरकतें देखकर पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं।
पुलिस की सख्ती के आगे सिया गोयल और चेतन चौधरी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। 23 जून को दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस खौफनाक साजिश में कोई और भी शामिल था। इस मामले ने न केवल एक परिवार को बर्बाद कर दिया है, बल्कि रिश्तों में विश्वास की नींव को भी झकझोर दिया है।

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