Durg Coaching Centers : लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद उपजे दुखद हादसे ने देशभर के शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रशासन ने बेहद संजीदगी दिखाते हुए भिलाई क्षेत्र के कोचिंग संस्थानों की सघन जांच शुरू कर दी है। बुधवार की देर रात एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने भिलाई के प्रमुख कोचिंग हब—न्यू सिविक सेंटर—में औचक निरीक्षण किया। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि क्या ये संस्थान छात्रों की सुरक्षा के लिए तय किए गए सरकारी मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

भिलाई में 100 से अधिक कोचिंग सेंटर्स में फायर सेफ्टी के भारी इंतजाम फेल
निरीक्षण के दौरान जो भयावह तस्वीर सामने आई, उसने प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है। भिलाई के न्यू सिविक सेंटर में संचालित 100 से अधिक कोचिंग सेंटर्स में से लगभग किसी में भी फायर सेफ्टी के बुनियादी इंतजाम दुरुस्त नहीं पाए गए। जांच टीम को वहां न तो पर्याप्त अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) मिले और जहां मिले भी, उनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। सबसे गंभीर बात यह रही कि किसी भी संस्थान में कोई ‘इमरजेंसी एग्जिट’ या वैकल्पिक निकासी की व्यवस्था मौजूद नहीं थी। अधिकांश इमारतें महज 10 बाय 25 फीट के छोटे भूखंडों पर तीन मंजिला बनी हुई हैं, जहां छात्रों का भारी जमावड़ा रहता है।

जानलेवा है कोचिंग सेंटर्स की बनावट: संकरी सीढ़ियां और दमघोंटू माहौल
कोचिंग सेंटर्स की बनावट इस कदर खतरनाक है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वहां से जान बचाकर निकलना नामुमकिन सा लगता है। जांच टीम ने पाया कि कई इमारतों में सीढ़ियां इतनी संकरी हैं कि एक बार में केवल एक ही छात्र ऊपर या नीचे आ-जा सकता है। कल्पना कीजिए, यदि किसी बड़ी अनहोनी या आगजनी की घटना होती है, तो सैकड़ों छात्रों की भीड़ का उन सीढ़ियों से निकलना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा होगा। कई केंद्रों पर तो छात्रों की संख्या के अनुपात में जगह का प्रावधान ही नहीं है, जिससे परिसर में भारी भीड़ और दमघोंटू माहौल बना रहता है। ऐसी स्थिति में छात्रों के लिए जान बचाकर सुरक्षित बाहर निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
24 घंटे का अल्टीमेटम: लापरवाही बरतने वाले सेंटर्स होंगे सील
एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग संचालकों को मौके पर ही सख्त नोटिस थमाया है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 24 घंटे के भीतर सुरक्षा संबंधी सभी खामियों को दूर किया जाए। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करते हुए संस्थानों को सील कर देगा। गुरुवार, 25 जून को प्रशासन उन कोचिंग सेंटर्स की सूची के आधार पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर सकता है, जहां सुरक्षा मानकों की सबसे अधिक अनदेखी पाई गई है। यह कदम छात्रों के जीवन की सुरक्षा के लिए उठाया गया एक अपरिहार्य और सख्त निर्णय है।
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