Sextortion Case : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों को एक सुनियोजित साजिश के तहत झूठे सेक्सटॉर्शन और दुष्कर्म के मामले में फंसाने का प्रयास किया गया। इस घटना के केंद्र में एक जनपद पंचायत सदस्य और एक गांव के सरपंच थे। साजिश के तहत, एक युवती का सहारा लेकर दोनों के खिलाफ पुलिस में दुष्कर्म की झूठी शिकायत दर्ज करवाई गई थी। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और प्रारंभिक जांच ने आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। अधिकारियों ने शिकायत में प्रथम दृष्टया कोई दम न पाने पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की, जो इस साजिश को बेनकाब करने में मददगार साबित हुई।

सोशल मीडिया और पोर्टल के जरिए छवि धूमिल करने की कोशिश
जब पुलिस ने शिकायत पर तुरंत कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो षड्यंत्रकारियों ने मामले को एक अलग मोड़ देने की ठान ली। साजिश में शामिल एक कथित पत्रकार ने इस झूठी खबर को एक वेब पोर्टल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रचारित किया। इस पूरे कदम का मुख्य उद्देश्य न केवल जनप्रतिनिधियों की सामाजिक छवि को सार्वजनिक रूप से धूमिल करना था, बल्कि उन पर कानूनी दबाव बनाकर उन्हें अपमानित करना भी था। पुलिस का मानना है कि यह सब पुरानी रंजिश के चलते किया गया था, ताकि राजनीतिक और व्यक्तिगत दुश्मनी का बदला लिया जा सके।

पुलिस जांच में खुला साजिश का जाल, सीडीआर ने पकड़े आरोपी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पीड़िता के बयानों और साक्ष्यों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान खुद कथित पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया और स्वीकार किया कि वह इस झूठी शिकायत में एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल की गई थी। एसडीओपी कसडोल कौशल किशोर वासनिक ने पुष्टि की है कि आवेदन की जांच में मामला पूरी तरह से मनगढ़ंत निकला। पुलिस द्वारा की गई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच ने इस साजिश की कड़ियों को आपस में जोड़ दिया, जिससे साफ हुआ कि इसके पीछे चार मुख्य लोग थे। इस मामले में कसडोल क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर, एक कथित पत्रकार और अन्य सहयोगियों की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई है।
आरोपियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
पीड़िता की रिपोर्ट और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने अब साजिश रचने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वर्तमान में पुलिस टीम इस पूरे गिरोह से पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे के अन्य संभावित कारणों का पता लगाने में जुटी है। कानून के जानकारों का कहना है कि किसी को झूठे रेप केस या सेक्सटॉर्शन के मामले में फंसाना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए आरोपियों को कड़ी सजा मिल सकती है। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होते ही सभी आरोपियों के नाम सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। इस घटना ने क्षेत्र में यह संदेश दिया है कि कानून का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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