West Bengal politics : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर एक सीसीटीवी फुटेज साझा कर सनसनी फैला दी है। बनर्जी ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार के घर पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा पत्थर से हमला किया गया। घटना मंगलवार (30 जून) की सुबह की बताई जा रही है, जहाँ एक व्यक्ति बाइक पर सवार होकर आया और उसने घर की पहली मंजिल की खिड़कियों पर पत्थर बरसाए, जिससे खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। इस घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हिंसा को एक ‘संस्थागत’ रूप दिया जा रहा है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।

पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल और राजनीतिक संरक्षण का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने हमले के दौरान पुलिस की अनुपस्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने सवाल किया कि जिस समय यह हमला हुआ, उस वक्त सुरक्षा बल कहाँ थे? टीएमसी सांसद ने सीधे तौर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाते हुए पूछा कि आखिर किस या किनके इशारे पर इस हमले को अंजाम दिया गया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगाल में ऐसा अराजक माहौल बना दिया गया है जहाँ अपराधियों के भीतर कानून का कोई डर नहीं है। उन्हें यह पूरा भरोसा होता है कि यदि वे किसी विशेष राजनीतिक दल से जुड़े हैं, तो उन्हें पुलिस की कार्रवाई से राजनीतिक संरक्षण मिल जाएगा। उन्होंने इस घटना को केवल कानून-व्यवस्था की एक छोटी समस्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।

भाजपा पर निशाना और ‘पब्लिक सेफ्टी बिल’ को लेकर तीखी टिप्पणी
अपने पोस्ट के माध्यम से अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में गुंडागर्दी और हिंसा को सोची-समझी रणनीति के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। बनर्जी ने हाल ही में पारित ‘वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ का जिक्र करते हुए सरकार से सीधा सवाल किया। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या यह नया कानून केवल आम नागरिकों के लिए है, या फिर उन तत्वों पर भी लागू होगा जिन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है? बनर्जी ने स्पष्ट किया कि राज्य की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है और अपराधियों के बुलंद हौसले राज्य सरकार की नीतियों का परिणाम हैं।
हिंसा का बढ़ता स्तर और प्रशासनिक जिम्मेदारी का संकट
इस घटना ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिषेक बनर्जी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए हिंसा की घटनाओं पर प्रभावी और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक बनर्जी के घर पर हुआ यह हमला राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का एक संकेत हो सकता है। फिलहाल, टीएमसी ने इस मामले को लेकर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में और गरमाने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से अब तक इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे विपक्ष का आक्रोश और बढ़ता जा रहा है।












