Indus Water Treaty : भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से जारी तनाव के बीच, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक बार फिर अत्यंत भड़काऊ बयान देकर क्षेत्र की शांति को खतरे में डाल दिया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को लेकर अपनाई गई सख्त नीति के जवाब में बिलावल ने भारत को सीधे तौर पर परमाणु बम का डर दिखाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बिलावल को इस्लामाबाद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान 1960 की सिंधु जल संधि को लेकर जहर उगलते देखा जा सकता है। उन्होंने भारत के फैसलों को पाकिस्तान की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करार दिया है।

‘परमाणु सिद्धांत’ का राग अलापते हुए दी चेतावनी
बिलावल भुट्टो ने अपने बयान में जल सुरक्षा और परमाणु हथियारों के बीच एक खतरनाक संबंध स्थापित करने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की परमाणु नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू जल संसाधनों की रक्षा से भी जुड़ा है। बिलावल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कोई देश पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने या उसके जलमार्गों को अवरुद्ध करने का दुस्साहस करता है, तो इसे ‘चरम परिस्थिति’ माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी स्थितियों का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान ने अपने परमाणु विकल्पों को पूरी तरह खुला रखा है। बिलावल का यह बयान न केवल कूटनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में परमाणु युद्ध के जोखिम को भी बेवजह हवा देता है।

भारत के सख्त फैसलों से बौखलाया है पाकिस्तान
भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और जल परियोजनाओं पर लिए गए फैसलों के बाद से पाकिस्तान का राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व लगातार बौखलाया हुआ है। यह पहली बार नहीं है जब बिलावल भुट्टो ने भारत के खिलाफ इस तरह की गीदड़भभकी दी है। इससे पहले 2025 में भी उन्होंने सिंधु जल संधि के मुद्दे पर भारत को युद्ध की धमकी दी थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की थीं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी समय-समय पर परमाणु धमकी का सहारा लेकर भारत को डराने की नाकाम कोशिश करते रहे हैं। बिलावल का यह बयान दर्शाता है कि पाकिस्तान सरकार अपने आंतरिक मुद्दों और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भारत के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने का प्रयास कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की अलग-थलग पड़ती स्थिति
विशेषज्ञों का मानना है कि बिलावल भुट्टो की परमाणु बम वाली धमकी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की स्थिति को और अधिक कमजोर करेगी। परमाणु हथियारों का उपयोग करने की खुलेआम धमकी देना वैश्विक समुदाय में पाकिस्तान की विश्वसनीयता को और घटाता है। भारत ने सिंधु जल संधि के संदर्भ में हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों का पालन किया है, जबकि पाकिस्तान अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए अक्सर भड़काऊ बयानबाजी का सहारा लेता है। भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह आतंकवाद और पानी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। बिलावल की ये खोखली धमकियां केवल उनकी हताशा को प्रदर्शित करती हैं और पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर और अधिक अलग-थलग करने का काम कर रही हैं।
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