Rajasthan Crime : राजस्थान के श्रीगंगानगर से एक बेहद भयावह और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक 13 साल की मासूम बच्ची को अगवा कर 32 दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का शिकार बनाया। इस वीभत्स घटना ने मानवता को तार-तार कर दिया है। जैसे ही यह मामला प्रकाश में आया, श्रीगंगानगर की सड़कों पर भारी जन आक्रोश देखने को मिला। जनता के उग्र प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के आगे झुकते हुए आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया और उन तीन होटलों पर बुलडोजर चला दिया, जहाँ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया था।

क्या है पूरा मामला? एक रिक्शा चालक ने रची थी साजिश
जांच में सामने आया है कि इस जघन्य अपराध की शुरुआत 18 जून को हुई थी। एक रिक्शा चालक ने बड़ी चालाकी से उस नाबालिग बच्ची का अपहरण किया। दरिंदगी का सिलसिला यहीं नहीं थमा, उस रिक्शा चालक ने पहले खुद बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे होटल संचालकों को बेच दिया। अगले पांच दिनों तक उस बच्ची को शहर के तीन अलग-अलग होटलों में बंधक बनाकर रखा गया, जहाँ 32 लोगों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने 23 जून को एक होटल से छापेमारी कर बच्ची को सुरक्षित बरामद किया था और उस वक्त 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, पुलिस की धीमी कार्रवाई और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त था।

जनता का आक्रोश और प्रशासन की नींद से जागने की कहानी
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए श्रीगंगानगर के लोग सड़कों पर उतर आए और लगातार प्रदर्शन करते रहे। लोगों की मांग थी कि सभी 32 आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन होटलों को जमींदोज कर दिया जाए, जो इस पाप के अड्डे बने थे। शुरुआती दिनों में प्रशासन की चुप्पी और सुस्ती ने आग में घी का काम किया। हालांकि, जब जनदबाव चरम पर पहुँचा, तो प्रशासन ने देर रात ही हरकत में आते हुए तीनों होटलों को बुलडोजर से ढहा दिया। आज श्रीगंगानगर एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आश्वासन दिया है कि फरार चल रहे बाकी अपराधियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस गंभीर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि दोषियों को फांसी या उम्रकैद जैसी सख्त से सख्त सजा मिल सके।
उदयपुर की घटना ने फिर ताजा की यादें
राजस्थान में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों का सिलसिला चिंताजनक बना हुआ है। इसी साल जनवरी में उदयपुर से भी ऐसी ही एक शर्मनाक गैंगरेप की घटना सामने आई थी। महाराष्ट्र की एक युवती को काम के बहाने उदयपुर बुलाया गया था, जहाँ उसे एक फार्म हाउस पर ले जाकर नशीला पदार्थ खिलाया गया। वहां आरोपियों ने शराब पार्टी की और फिर पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उदयपुर की उस घटना के बाद भी राज्य भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। श्रीगंगानगर की यह ताज़ा घटना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है और यह मांग तेज हो गई है कि प्रदेश में अपराधियों में डर पैदा करने के लिए और भी कठोर कानूनी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
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