Amarnath Yatra: पवित्र अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ गुरुवार, 2 जुलाई को हो गया है। जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच कश्मीर के लिए रवाना हुआ। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुबह तड़के हरी झंडी दिखाकर इस जत्थे को विदा किया। यह जत्था बालटाल और पहलगाम स्थित बेस कैंपों के लिए निकला है, जहाँ से शुक्रवार, 3 जुलाई से श्रद्धालु बाबा बर्फानी के प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए अपनी दुर्गम चढ़ाई शुरू करेंगे।

57 दिनों तक चलने वाली यात्रा का रक्षाबंधन पर होगा समापन
हिमालय की गोद में स्थित पवित्र गुफा की यह वार्षिक तीर्थयात्रा इस वर्ष कुल 57 दिनों तक जारी रहेगी। 3 जुलाई से शुरू होकर यह आध्यात्मिक सफर 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर संपन्न होगा। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार पारंपरिक पहलगाम मार्ग या अपेक्षाकृत छोटे लेकिन सीधे बालटाल मार्ग का चुनाव कर सकते हैं। प्रशासन ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए दोनों मार्गों पर व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि दुनिया भर से आने वाले भक्त बाबा बर्फानी के दरबार में बिना किसी बाधा के अपनी हाजिरी लगा सकें।

त्रि-स्तरीय सुरक्षा और आधुनिक निगरानी का अभेद्य चक्र
अमरनाथ यात्रा की संवेदनशीलता के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया है। जम्मू से लेकर पवित्र गुफा तक बहु-स्तरीय (multi-layered) सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अत्याधुनिक निगरानी उपकरणों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल और हेल्प डेस्क जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं मार्ग के हर पड़ाव पर सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अनिवार्य पंजीकरण, आरएफआईडी कार्ड और जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की प्रशासन को उम्मीद
जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रिकॉर्ड संख्या में भक्तों के जुटने की उम्मीद कर रहा है। अनुमान है कि इस वर्ष 5 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र हिम शिवलिंग के दर्शन करेंगे, जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान होगा। भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने दैनिक सीमा निर्धारित की है। नए नियमों के अनुसार, रोजाना बालटाल मार्ग से 10,000 और पहलगाम मार्ग से 10,000 यात्रियों को ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भक्तिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। प्रशासन की पूरी मशीनरी यात्रा को सफल बनाने के लिए तत्पर है।
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