Durg ACB Action: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने दुर्ग स्थित एक सरकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 के कर्मचारी शिव कुमार ठाकुर को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह मामला तब सामने आया जब आरोपी बाबू ने अपने भविष्य निधि (GPF) से पैसे निकालने की प्रक्रिया को पूरा करने के एवज में रिश्वत की मांग की। एसीबी के डीएसपी राजेश चौधरी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीयता और सुनियोजित तरीके से पूरा किया, जिससे आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

बेटे की शादी के लिए जमा राशि निकालने में बाबू ने मांगा ‘सुख’
मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार, विभाग में कार्यरत कर्मचारी नंदकुमार ने अपने बेटे के विवाह समारोह के आयोजन के लिए अपनी सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते से 5 लाख रुपये निकालने के लिए विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया था। सरकारी नियमों के तहत यह राशि कर्मचारी का अपना हक है, लेकिन सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर ने इस फाइल को आगे बढ़ाने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए पीड़ित से 10,000 रुपये की अवैध मांग रख दी। एक पिता के लिए बेटे की शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर इस तरह की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना असहनीय थी। इस अनुचित मांग से आहत और परेशान होकर पीड़ित कर्मचारी ने हिम्मत दिखाई और इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में दर्ज कराई।

सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने बिछाया जाल और दबोचा आरोपी
शिकायत मिलने के बाद, एसीबी ने अपनी कार्यप्रणाली के अनुसार सबसे पहले आरोपों का बारीकी से सत्यापन किया। जब प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई, तो एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक सटीक जाल बिछाया। रायपुर से पहुंची एसीबी की विशेष टीम ने पूरी योजना के साथ कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार, जैसे ही पीड़ित कर्मचारी ने रिश्वत की राशि आरोपी शिव कुमार ठाकुर को दी, टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की नकद राशि भी बरामद कर ली गई, जो आरोपी के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत साबित हुई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई और आरोपी से पूछताछ जारी
इस सफल रेड के बाद एसीबी की टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे सघन पूछताछ शुरू कर दी है। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी शिव कुमार ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है और यह उन सभी भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो आम नागरिकों के जायज कामों के लिए अवैध वसूली करते हैं। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल, आरोपी से उसके अन्य संपत्तियों और इस तरह की वसूली में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
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