Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र ने चेतावनी जारी की है कि राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट पर बने सुस्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र का सीधा असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इस मौसमी तंत्र के कारण विशेष रूप से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आम जनता को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

किन जिलों में रहेगा सबसे अधिक प्रभाव?
अगले 48 घंटों के दौरान मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है, जबकि शेष प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा। शनिवार शाम जारी ताजा ‘नाउकास्ट’ चेतावनी के अनुसार, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, मुंगेली और कबीरधाम जैसे प्रमुख जिलों में भी 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है।

तापमान का हाल और बीते 24 घंटों की बारिश
राज्य में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। रायगढ़ में अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। सक्ती में 35.4, मुंगेली में 34.5 और रायपुर में 34.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर, बस्तर संभाग में झमाझम बारिश के चलते जगदलपुर जिला 24.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 14 सेंटीमीटर वर्षा बड़े बचेली में दर्ज की गई है। इसके अलावा ओरछा, चांपा, कोंटा, कुटरू और भैरमगढ़ जैसे क्षेत्रों में भी 6 से 7 सेंटीमीटर तक अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
सुरक्षा के लिए प्रशासन की विशेष अपील
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान नागरिकों को बेहद सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से तेज हवाओं और बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने, खुले मैदानों से दूर रहने और पक्के सुरक्षित स्थानों में रहने का आग्रह किया गया है। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम दबाव का यह क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है, जिससे आगामी तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
Read More : FIFA World Cup 2026 : एमबाप्पे के गोल से फ्रांस क्वार्टर फाइनल पहुंचा, पराग्वे को 1-0 से हराया शानदार अंदाज












