Jharkhand News : झारखंड के चतरा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। जिले के कुंदा थाना क्षेत्र के बरवाडीह टोला गांव में एक 46 वर्षीय व्यक्ति बुधन भारती ने नशे की हालत में पागलपन की सारी हदें पार कर दीं। शनिवार को शराब के नशे में धुत बुधन अपने दोस्तों के साथ ताश खेल रहा था, तभी एक सांप वहां आ पहुंचा। सांप ने उसे काटने की कोशिश की, लेकिन नशे में चूर बुधन ने उल्टे उस सांप को ही दबोच लिया और जिंदा चबा-चबाकर खा गया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग सहम गए, लेकिन बुधन का मन इतने में भी नहीं भरा।

दूसरा सांप खाया और तीसरे के लिए बढ़ा आगे
पहले सांप को अपना निवाला बनाने के बाद, बुधन का नशा उसे और अधिक घातक करतूतों की ओर ले गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह दौड़कर खेत की ओर गया जहां ग्रामीणों द्वारा मारा गया एक और सांप पड़ा था। नशे की हालत में उसने उस मरे हुए सांप को भी उठाया और निगल गया। दो सांपों को खाने के बाद वह तीसरी बार एक और सांप की तलाश में निकला। जब वह तीसरे सांप को पकड़ने ही वाला था, तभी उसके परिवार वाले रोते-बिलखते वहां पहुंचे और मिन्नतें करके उसे रोका। इस अजीबोगरीब कृत्य के कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसका शरीर पीला पड़ने लगा। फिलहाल, प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उसका इलाज चल रहा है, जहां डॉक्टर उसकी स्थिति को नाजुक बता रहे हैं।

सांप के जहर से मौत को दी चुनौती
चिकित्सकों का मानना है कि बुधन भारती का जीवित बच पाना एक चमत्कार से कम नहीं होगा। विषैले सांपों को कच्चा खाना बेहद जानलेवा साबित हो सकता है। यदि सांप का जहर पेट के किसी घाव या सीधे रक्त प्रवाह में मिल जाए, तो व्यक्ति की मौत कुछ ही मिनटों में हो सकती है। यह घटना न केवल नशे की भयावहता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि किस प्रकार का नशा व्यक्ति के सोचने-समझने और जीवित रहने की स्वाभाविक इच्छा को खत्म कर देता है। पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे एक अमानवीय और जानलेवा पागलपन करार दे रहे हैं।
गढ़वा में महिला को सांप ने दो बार डंसा
झारखंड से ही सांपों के कहर की एक और डरावनी खबर गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र के जतरो गांव से आई है। यहां 60 वर्षीय वृद्धा फूलबसिया कुंवर शनिवार सुबह अपने घर के बाहर टहल रही थीं। इसी दौरान एक जहरीला सांप उनके पैर से आकर लिपट गया और देखते ही देखते दो बार डंस लिया। महिला ने जब घबराहट में अपने हाथ से सांप को हटाने की कोशिश की, तो सांप ने उनके दाहिने हाथ पर भी हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन उन्हें तत्काल गढ़वा के सदर अस्पताल ले गए। राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत अब स्थिर बनी हुई है।
सांपों के प्रति सावधानी की सख्त जरूरत
झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से आई ये दोनों घटनाएं सांपों के प्रति और वन्यजीवों के करीब सावधानी बरतने की एक बड़ी चेतावनी हैं। जहां चतरा की घटना मानवीय सनक और नशे का एक घिनौना उदाहरण है, वहीं गढ़वा की घटना प्रकृति और मनुष्य के बीच होने वाले आकस्मिक टकराव को दर्शाती है। मानसून के मौसम में सांपों का बिलों से बाहर आना स्वाभाविक है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और घर के आसपास सफाई रखने की सलाह दी जा रही है। किसी भी तरह की सांप के काटने की घटना होने पर ओझा-गुनी या झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाना ही जीवन रक्षा का एकमात्र सही उपाय है।
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