Shopian Encounter : जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के सैदपोरा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शनिवार शाम से भीषण मुठभेड़ चल रही है। इस मुठभेड़ में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो शीर्ष कमांडरों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, सुरक्षाबलों द्वारा अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है, क्योंकि इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है और घने बागों के बीच से आतंकियों के शव बरामद किए जाने बाकी हैं। यह एनकाउंटर 4 जुलाई की शाम करीब 7:45 बजे शुरू हुआ था, जिसे रात के समय घाटे और अंधेरे के कारण रोक दिया गया था, लेकिन रविवार सुबह रोशनी होते ही ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिया गया।

खुफिया एजेंसियों की लिस्ट में शामिल था मुख्य आतंकी जाकिर गनी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान जाकिर अहमद गनी के रूप में हुई है, जो कुलगाम के मुतलहम गांव का निवासी था। जाकिर गनी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। हाल ही में अप्रैल 2026 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर घाटी में सक्रिय 14 सबसे खतरनाक स्थानीय आतंकवादियों की एक सूची जारी की थी, जिसमें जाकिर का नाम प्रमुखता से शामिल था। उसके खिलाफ अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अदालत ने भी नोटिस जारी किया था। मुठभेड़ में मारा गया दूसरा आतंकी लतीफ भट है, जो जाकिर का करीबी सहयोगी था। सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, जाकिर साल 2024 से लश्कर से जुड़ा था, जबकि लतीफ पिछले साल 2025 में इस संगठन में भर्ती हुआ था।

ऐसे शुरू हुआ सुरक्षाबलों का साझा ‘सर्च ऑपरेशन’
इस बड़े सैन्य ऑपरेशन की शुरुआत शुक्रवार दोपहर को ही हो गई थी। शोपियां के मीमंदर इलाके के एक सेब के बाग में सेना द्वारा लगाए गए अत्याधुनिक निगरानी कैमरों में दो संदिग्ध सशस्त्र आतंकवादियों की गतिविधि कैद हुई थी। इस खुफिया इनपुट के मिलते ही भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टुकड़ियों ने तुरंत हरकत में आते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए सुरक्षाबलों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए शुक्रवार शाम तक आसपास के चार गांवों को पूरी तरह से खाली करा लिया और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया।
‘विक्टर फोर्स’ ने घेरा बाग, भागने के सारे रास्ते किए बंद
आतंकवादियों के खिलाफ इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सेना की विशेष आतंकवाद विरोधी इकाई ‘विक्टर फोर्स’ को कमान सौंपी गई। सेब के घने बागों का फायदा उठाकर आतंकी भाग न सकें, इसके लिए विक्टर फोर्स के अतिरिक्त जवानों को तैनात कर घेराबंदी को बेहद कड़ा कर दिया गया। रात के समय आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरे क्षेत्र में हाई-इंटेंसिटी फ्लड लाइट्स और रोशनी का विशेष प्रबंध किया गया। जैसे ही सुरक्षाबल सैदपोरा पायीन के छानपोरा इलाके में आतंकियों के सटीक ठिकाने के करीब पहुंचे, खुद को घिरा देख आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी पूरी मुस्तैदी से इसका करारा जवाब दिया, जिसके बाद यह भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई।
मोस्ट वांटेड लिस्ट के 14 में से 9 आतंकी अब तक समाप्त
यदि आधिकारिक स्तर पर जाकिर अहमद गनी के मारे जाने की पुष्टि हो जाती है, तो यह घाटी में सक्रिय आतंकवाद के नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका होगा। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी की गई 14 स्थानीय मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में से यह नौवां आतंकवादी होगा जिसे ढेर किया गया है। इससे पहले मई 2025 में शोपियां और पुलवामा जिलों में अलग-अलग मुठभेड़ों के दौरान इस लिस्ट के छह खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया गया था। इस सूची में शामिल आतंकियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया था। अब सुरक्षाबलों को इस सूची के शेष 5 आतंकवादियों की तलाश है, जिसके लिए कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।
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