Khamenei Funeral : ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान रविवार को तेहरान में एक चौंकाने वाला और आक्रामक नज़ारा देखने को मिला। राजधानी की ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में जमा लाखों लोगों की भीड़ के सामने एक कवि मोहम्मद रसौली ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की सीधी मांग कर दी। यह पहली बार है जब ईरान के किसी आधिकारिक मंच या अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान खुले तौर पर ट्रंप की हत्या के लिए उकसाया गया है। भीड़ के बीच ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ हिंसा भड़काने वाले पोस्टर और भित्तिचित्रों का प्रदर्शन किया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए पर्दे के पीछे कूटनीतिक बातचीत जारी है, जिसने इस तनावपूर्ण माहौल को और अधिक जटिल बना दिया है।

“दुनिया के सबसे नीच आदमी” को लेकर कवि का विवादित भाषण
कवि मोहम्मद रसौली के संबोधन के दौरान पूरा परिसर “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजरायल मुर्दाबाद” के नारों से गूंज उठा। रसौली ने माइक पर भीड़ को संबोधित करते हुए विवादास्पद सवाल किया, “दुनिया का सबसे नीच आदमी अभी भी जिंदा क्यों है?” इस भड़काऊ टिप्पणी पर भारी भीड़ ने तालियां बजाकर समर्थन किया। उन्होंने आगे कहा कि “दुनिया अब ट्रंप के लिए रहने लायक जगह नहीं रही है।” इस कार्यक्रम में ईरान के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोभानी ने खामेनेई और उनके परिवार के लिए प्रार्थना का नेतृत्व किया। इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ, रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी और कुद्स बल के कमांडर इस्माइल कानी मंच पर मौजूद थे।

मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने बढ़ाई अटकलें
इस शोक समारोह के दौरान सबसे अधिक चर्चा ईरान के नए सर्वोच्च नेता और खामेनेई के पुत्र, अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति की रही। ऐसी रिपोर्टें हैं कि अपने पिता की हत्या वाले हवाई हमले में घायल होने के बाद मोजतबा सुरक्षा कारणों से अज्ञात स्थान पर छिपे हुए हैं। इजरायल द्वारा उन्हें भी जान से मारने की सीधी धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वहीं दूसरी ओर, वाशिंगटन में अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान की सेना को “पूरी तरह से नष्ट और मिटा दिया है।” उन्होंने वेनेजुएला और ईरान की स्थिति को अमेरिकी सेना की बड़ी सफलता बताया।
दूसरे दिन भी उमड़ा जनसैलाब
रविवार को खामेनेई के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन पहले दिन की तुलना में कहीं अधिक भीड़ उमड़ी। शोक में डूबे लोग काले कपड़े पहने हाथों में बैनर और खामेनेई के सम्मान में झंडे लिए पहुंचे थे। इस पूरी घटनाक्रम ने मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक समीकरणों को एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है। एक तरफ ईरान में नेतृत्व परिवर्तन का दौर चल रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका के साथ वाकयुद्ध चरम पर है। इस अंतिम संस्कार समारोह ने साफ कर दिया है कि ईरान अपने दिवंगत नेता की मृत्यु को लेकर अत्यंत आक्रामक मुद्रा में है और ट्रंप के खिलाफ चल रहा यह विरोध प्रदर्शन आने वाले समय में कूटनीतिक संबंधों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
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